Jaipur News: चौमूं। थाना क्षेत्र में आनंदलोक योजना अंडरपास के पास मिली महिला की हत्या का पुलिस ने मंगलवार को 24 घंटे में खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में मृतका का पति ही हत्यारा निकला है। आरोपी ने पत्नी को बातचीत के बहाने बुलाकर सुनसान इलाके में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी और फिर वह घर वापस लौट गया।
मृतका के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था
थाना प्रभारी हरबेन्द्र सिंह ने बताया कि 20 अप्रेल की सुबह टांटियावास टोल प्लाजा के पास अंडरपास में एक महिला का शव मिला था। मृतका की पहचान मीनू शर्मा (42) निवासी धोबलाई, थाना गोविंदगढ़ के रूप में हुई। उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और पास ही खून फैला था।
मामले में मृतका के भाई विष्णुकांत शर्मा ने हत्या की रिपोर्ट दी थी कि मीनू 19 अप्रेल की शाम कपड़े खरीदने निकली थी, लेकिन घर नहीं लौटी। वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के निर्देशन में एडीसीपी राजेश कुमार गुप्ता और एसीपी आलोक सैनी की सुपरविजन में तीन टीमें गठित की गई।
एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। रामपुरा डाबड़ी के पास एक डेयरी बूथ पर लगे कैमरे में मृतका अपने पति सतीश शर्मा के साथ नजर आई। फुटेज देखकर परिजनों ने भी पहचान की पुष्टि की। इस पर पुलिस ने मानसरोवर स्थित सिद्धार्थ नगर कॉलोनी निवासी आरोपी सतीश शर्मा को घर से गिरफ्तार किया।
तलाक तक पहुंचा मामला
थाना प्रभारी ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि पूछताछ में उसने जुर्म कबूलते हुए बताया कि पत्नी से लंबे समय से विवाद चल रहा था और मामला तलाक तक पहुंचा। लंबे समय से मीनू अपने पीहर रह रही थी।
आरोपी पूछताछ में बताया है कि खर्चे वगैरह को लेकर दोनों झगड़े चलते रहे थे। 19 अप्रेल को उसने पत्नी को टांटियावास बुलाया और बाइक पर बैठाकर सुनसान जगह ले गया। वहां धक्का देकर गिराया और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। साड़ी के पल्लू से गला दबाकर मिनू की हत्या कर दी।
कपड़े खरीदने घर से निकली थी मीनू
पुलिस ने बताया कि आरोपी और मृतका की शादी 2007 में हुई थी और उनका एक बेटा है जो दसवीं कक्षा में पढ़ता है। घर में छोटी बहन की शादी होने पर 19 अप्रेल को वह कपड़े खरीदने घर से निकली थी। उसने कपड़े अपनी एक परिचित को देकर वह टांटियावास चल गई थी। हत्या के बाद आरोपी सीधे अपने घर चला गया था।
तीन दर्जन पुलिसकर्मी खुलासे में जुटे
इस खुलासे में थाना चौमूं प्रभारी हरबेन्द्र सिंह, हरमाड़ा थाना प्रभारी उदयसिंह, जिला विशेष टीम प्रभारी गणेश सहित 2 उपनिरीक्षक, 3 हैडकांस्टेबल और 24 कांस्टेबल की टीम शामिल रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई एवं सीसीटीवी फुटेज ने ब्लाइंड मर्डर का राज खोला।