आस्था का महासागर: कृष्णधाम सांवलियाजी में दान का नया कीर्तिमान

मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों की अगाध आस्था अनवरत बरस रही है। 16 अप्रेल चतुर्दशी को खोले गए भगवान के दानपात्र भंडार से रुपयों का निकलना लगातार जारी है। मंगलवार को चौथे चरण की गिनती पूरी होने तक भंडार से निकली कुल नकद भेंट का आंकड़ा 31 करोड़ 01 लाख 63 हजार रुपए के पार पहुंच गया है। खास बात यह है कि नोटों का अंबार इतना विशाल है कि चार दिन की लगातार मशक्कत के बाद भी गिनती पूरी नहीं हो सकी है। शेष राशि की गणना अब बुधवार को पांचवें चरण में की जाएगी।

चौथे चरण में मिले पौने चार करोड़

मंदिर मंडल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मंगलवार को मंदिर बोर्ड अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव की उपस्थिति में चौथे चरण की गणना शुरू की गई। इस चरण में भंडार से 3 करोड़ 78 लाख 77 हजार रुपए की नगद राशि प्राप्त हुई।

पहले तीन चरणों में गिने गए थे 27.22 करोड़

उल्लेखनीय है कि भंडार खुलने के बाद से ही मंदिर परिसर में उत्सव सा माहौल है। मंगलवार की गिनती से पूर्व, शुरुआती तीन चरणों में ही दानपात्र से 27 करोड़ 22 लाख 86 हजार रुपए की विशाल राशि गिनी जा चुकी थी।

कड़ी सुरक्षा और निगरानी में हो रही गिनती

दानपात्र से प्राप्त राशि की गणना पूरी पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा के बीच की जा रही है। मंगलवार को हुई गिनती के दौरान मंदिर बोर्ड अध्यक्ष के अलावा बोर्ड सदस्य पवन तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह और संपदा प्रभारी भेरूगिरी गोस्वामी मौजूद रहे। इसके साथ ही विभिन्न बैंकों के अधिकारी, कर्मचारी और मंदिर का स्टाफ भी इस महा-गणना में लगातार अपनी सेवाएं दे रहा है। अब सभी की निगाहें बुधवार को होने वाले पांचवें और अंतिम चरण पर टिकी हैं, जिसके बाद इस माह के कुल दान का अंतिम आंकड़ा स्पष्ट हो सकेगा। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार भंडारे में नकद राशि के अलावा अन्य सामग्री व धातु भी निकल रही है। चांदी के भावों में तेजी के बाद भी यहां बड़ी मात्रा में चांदी के कई आइटम तक निकल रहे है। लोगों में आस्था ​इतनी है कि कोई लोग तो अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर पैदल तक यहां आते है।