उदयपुर। एमबी हॉस्पिटल के एमआईसीयू में मंगलवार देर रात एक घटना ने बवाल मचा दिया। 20 वर्षीय युवती की मौत के बाद पति ने रेजिडेंट डॉक्टर हंसराज व सहयोगी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ पर पर हमला कर दिया। अचानक हुई इस घटना से आईसीयू में अफरा-तफरी मच गई और रेजिडेंट डॉक्टरों को कोड व्हाइट एक्टिवेट करना पड़ा।
पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया। घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टर हंसराज सहित अन्य स्टाफ ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर. एल. सुमन को लिखित में शिकायत दी है। इसमें पूरी घटना का विवरण देते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और कार्रवाई की मांग की गई है।
गंभीर हालत में भर्ती थी मरीज
मामले के अनुसार अजमेर निवासी आफरीन बानो उम्र 20 साल, पत्नी मोहम्मद फारूक को 8 अप्रैल को एमआईसीयू में गंभीर हालत में भर्ती किया गया था। वह गिलियन-बैरे सिंड्रोम नामक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पीड़ित थी और वेंटिलेटर सपोर्ट पर उसका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति पहले से ही अत्यंत नाजुक थी।
ऐसे हुआ घटनाक्रम
सोमवार को इलाज के दौरान मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ज्योति चौधरी, डॉ. आदित्य और डॉ. नरेंद्र ने शाम करीब 6 बजे तबीयत बिगड़ने पर सीपीआर देकर मरीज को रिवाइव किया। रात करीब 10 बजे फिर से स्थिति बिगड़ने पर एक और सीपीआर दिया गया, इससे कुछ समय के लिए हालत को संभाला गया। रात 11 बजे डॉ. हंसराज ने ड्यूटी संभाली। इसके बाद रात करीब 12 बजे मरीज की हालत फिर गंभीर हो गई।
रात में हुई मौत
तत्काल सीपीआर और तमाम प्रयासों के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका और करीब 12:10 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद डॉ. विजय ने परिजनों को मृत्यु की सूचना दी। मृत्यु की जानकारी मिलने के 10 मिनट बाद मरीज का पति फारूक अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों के समझाने के दौरान फारूक ने डॉ. हंसराज पर हमला कर दिया।
‘घटना की सूचना मिलते ही मैं तुरंत अस्पताल पहुंचा और पूरे मामले की गंभीरता से जानकारी ली। पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए पहले से ही अस्पताल में होम गार्ड लगाने की तैयारी की जा चुकी है। मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’ डॉ. राहुल जैन, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज
‘मरीज की स्थिति पहले से ही बेहद गंभीर थी और टीम द्वारा लगातार सीपीआर सहित सभी संभव चिकित्सकीय प्रयास किए गए थे। मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन दुर्भाग्यवश उसे रिवाइव नहीं किया जा सका। इसके बाद पति को स्थिति समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन अचानक हमला कर दिया।’ -डॉ. हंसराज, रेजिडेंट डॉक्टर