जालोर। आहोर थाना परिसर में मंगलवार दोपहर अचानक लगी आग ने बड़ा नुकसान पहुंचा दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में वहां खड़ी जब्तशुदा गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में पुलिस के विभिन्न मामलों में जब्त की गई 40 से अधिक बाइक जलकर राख हो गईं, जबकि मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से कई अन्य वाहनों को समय रहते सुरक्षित हटा लिया गया। घटना के समय परिसर में करीब 100 से ज्यादा बाइक खड़ी थीं, जिससे हालात और गंभीर हो सकते थे।
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जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक थाना परिसर में खड़े वाहनों में आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटें ऊंची उठने लगीं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों और आसपास के लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई बाइकों को खींचकर दूर किया, जिससे नुकसान सीमित रखने में मदद मिली।
15 मिनट देरी से पहुंची दमकल
आग लगने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत निजी पानी के टैंकर मंगवाए और करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया। हालांकि, दमकल की गाड़ी आग बुझने के करीब 15 मिनट बाद मौके पर पहुंची, जिस पर लोगों ने नाराजगी जताई। यदि समय पर दमकल पहुंचती तो नुकसान और कम हो सकता था।
अस्पताल के कचरे से फैली आग
आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पास के राजकीय अस्पताल परिसर में खुले में कचरा जलाया जा रहा था। आशंका है कि वहीं से उठी चिंगारी हवा के साथ उड़कर थाना परिसर तक पहुंची और वाहनों में आग लग गई। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
फायर ब्रिगेड की देरी ने खोली सिस्टम की पोल
घटना में सबसे गंभीर बात दमकल की देरी से पहुंचना रहा। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस और स्थानीय लोग समय रहते सक्रिय नहीं होते तो आग आसपास के अन्य वाहनों और थाना भवन तक फैल सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस घटना के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि शहर में फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की जाए और संवेदनशील क्षेत्रों के पास कचरा जलाने पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।