वसुंधरा राजे फर्जी वायरल पत्र मामला: एमपी से राजस्थान तक मची खलबली, कांग्रेस समर्थित 3 यूट्यूबर्स भोपाल से गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से जुड़े एक कथित फर्जी पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रेड मारी। यहां से कांग्रेस समर्थित तीन यूट्यूबर्स को हिरासत में लिया गया। बाद में एमपी पुलिस ने तीनों यूट्यूबर्स को जयपुर कमिश्नरेट पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मध्य प्रदेश में सियासी घमासान शुरू हो गया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने इसे अवैध गिरफ्तारी बताते हुए जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। तन्खा ने कहा कि एमपी पुलिस द्वारा आधी रात को पहले तीन यूट्यूबर्स को 30 घंटे तक डिटेन किया गया, उसके बाद उन्हें अवैध तरीके से राजस्थान पुलिस को सौंप दिया गया।

जीतू पटवारी पुलिस कार्रवाई पर विफरे

उन्होंने आरोप लगाया कि दस्तावेज में न तो गिरफ्तारी दिखाई गई और न ही पहले कोई पूछताछ का नोटिस भेजा गया। वहीं जयपुर कमिश्नरेट पुलिस मंगलवार शाम को तीनों यूट्यूबर्स को लेकर जयपुर के लिए रवाना हो गई। तीनों को जयपुर में देर रात तक लाने की संभावना है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कथित पत्र शेयर करने वालों पर एफआइआर हो तो सभी पर हो। वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने आइटी सेल कार्यकर्ताओं की हिरासत को सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए रिहाई और निष्पक्ष जांच की मांग की।

वायरल पोस्ट जो बाद में डिलीट की गई :

कोर्ट में चुनौती, बुधवार को सुनवाई

तन्खा ने जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष इस मामले को लेकर मंगलवार को याचिका दायर की है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी। वहीं, इस मामले को लेकर हाईकोर्ट ने पुलिस से भी पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी है।

वसुंधरा राजे का पोस्ट :

साँच को आँच की ज़रूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतको की कारगुज़ारी मात्र है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयास का मैं ही नहीं, देश की हर महिला स्वागत कर रही है। यह भी तय मान लीजिए कि नारी शक्ति…

— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) April 18, 2026

क्या है पूरा मामला

वसुंधरा राजे के नाम से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखा गया एक पत्र 15 अप्रेल को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पत्र में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर बीजेपी की लाइन से हटकर आलोचना की गई थी। हालांकि, बाद में राजे ने इस पत्र को फर्जी बताया था। वहीं कई हैंडल से पोस्ट डिलीट कर दी गई।

‘मध्यप्रदेश से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। तीनों को मंगलवार देर रात तक जयपुर लेकर पहुंचने की संभावना है। यहां उनसे पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।’ -सचिन मित्तल, पुलिस कमिश्नर, जयपुर कमिश्नरेट