राजस्थान में पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बिगड़ेगा जनता का बजट, अब ये 10 सेवाएं होंगी महंगी!

जयपुर: अमेरिका-ईरान युद्ध, पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल-डीजल के उपयोग में संयम बरतने के संदेश के बाद शुक्रवार सुबह 6 बजे तेल कंपनियों ने पेट्रोल 3.27 और डीजल 3.02 रुपए महंगा कर दिया। नई दरें लागू भी हो गई हैं। कीमत बढ़ने के बाद राजधानी जयपुर में अब पेट्रोल 107.99 और डीजल 93.23 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं, सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ समेत 10 जिलों में जयपुर के मुकाबले पेट्रोल 1.47 और डीजल 1.73 रुपए महंगा मिल रहा है।

बता दें कि इनमें चूरू, झुंझुनूं, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सिरोही, सवाईमाधोपुर, जैसलमेर, डूंगरपुर, बाड़मेर, सीकर, जालोर और बीकानेर जिले शामिल हैं। इस बढ़ोतरी से अब जरूरी सेवाओं के महंगा होने की भी आशंका है।

साल 2023 में राज्य में कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल 108.48 रुपए और डीजल 93.23 रुपए प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर था। इसके बाद आमजन को राहत देने के लिए भाजपा सरकार ने 15 मार्च 2024 को पेट्रोल-डीजल पर 2 फीसदी वैट घटाया था।

इसके बाद पेट्रोल की कीमत घटकर 104.88 रुपए और डीजल 90.36 रुपए हो गई थी। लेकिन इस बढ़ोतरी के बाद अब पेट्रोल 2023 के उच्चतम स्तर से महज 1 पैसे ही पीछे है। प्रति लीटर डीजल की कीमतें फिर से 2023 के उच्चतम 93.23 रुपए प्रति लीटर पर स्तर पहुंच गई हैं।

बिगड़ेगा जनता का बजट

कीमतों में बढ़ोतरी का असर ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने की वस्तुओं, यात्रा, खेती और रोजमर्रा की सेवाओं तक पहुंचेगा। पर्यटन सीजन और गर्मियों की छुट्टियों के दौरान यात्रा खर्च बढ़ने से परिवारों का बजट बिगड़ सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल महंगा होने से कृषि उपकरण, सिंचाई और मंडियों तक फसल पहुंचाने की लागत भी बढ़ेगी। ऑल राजस्थान कॉन्ट्रेक्ट कैरिज बस ऑपरेटर के राजेंद्र शर्मा के अनुसार, डीजल महंगा होने से आगामी दिनों में परिवहन 15 फीसदी तक महंगा होने की आशंका है।

इन 10 सेवाओं पर सीधा असर

बस किरायाः रोडवेज और निजी बस।

ऑटो-टैक्सी, कैब किरायाः शहर में छोटी दूरी की यात्रा महंगी होगी।

सब्जी-फलः ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खुदरा दाम बढ़ेंगे।

दूध डेयरीः सप्लाई लागत बढ़ने का असर कीमतों पर।

ऑनलाइन डिलीवरीः फूड और ई-कॉमर्स डिलीवरी चार्ज बढ़ सकते हैं।

स्कूल बसः निजी स्कूल परिवहन शुल्क बढ़ा सकते हैं।

पर्यटन-ट्रैवल पैकेज: होटल और टूर ऑपरेटर किराया समायोजित करेंगे।

खेती-सिंचाई लागतः डीजल पंप और ट्रैक्टर संचालन महंगा होगा।

निर्माण सामग्रीः सीमेंट, बजरी, सरिया जैसी वस्तुओं की ढुलाई महंगी पड़ सकती है।