Bharatpur : बच्ची से मारपीट मामले में शिक्षिका को भेजा जेल, ग्रामीणों ने किया विरोध-प्रदर्शन, जांच की मांग

Bharatpur : भरतपुर के उच्चैन ब्लॉक के गांव दयोपुरा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में 8 वर्षीय बालिका से मारपीट का प्रकरण अब तूल पकड़ रहा है। प्रकरण में परिजनों की शिकायत पर सेवर पुलिस ने आरोपी महिला शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। महिला शिक्षक के समर्थन में ग्रामीणों ने एसपी ऑफिस व स्कूल में विरोध-प्रदर्शन कर उचित जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के अनुसार पीड़ित बच्ची की मां के अनुसार उनकी बेटी गांव के सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ती है। सोमवार सुबह स्कूल परिसर में किसी बच्चे की जेब से 3 रुपए गिर गए थे, जिन्हें बच्ची ने उठाकर अपनी जेब में रख लिया। अन्य बच्चों ने यह देख लिया और बच्ची को शिक्षिका के पास ले गए। आरोप है कि शिकायत मिलने के बाद शिक्षिका ने पहले बच्ची को डांटा और फिर डंडे से उसकी पिटाई कर दी।

छुट्टी के बाद बच्ची रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को पीठ पर चोट के निशान दिखाए। इसके बाद परिवार के लोग स्कूल पहुंचे और मामले को लेकर शिक्षिका से शिकायत की। मंगलवार को बच्ची की मां ने सेवर थाने पहुंचकर आरोपी शिक्षिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।

महिला शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेजा

सेवर थानाप्रभारी सतीश चन्द शर्मा ने बताया कि महिला शिक्षक मुस्कान यादव निवासी अलवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसकी जांच सीओ कन्हैयालाल कर रहे है। पुलिस ने बालिका से मारपीट व एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया है।

ग्रामीण बोले : पति की मौत व दो बच्चों की जिम्मेदारी

गांव दयोपुरा के ग्रामीणों ने सुबह स्कूल में ही प्रदर्शन कर महिला शिक्षक पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का विरोध करते हुए तालाबंदी की चेतावनी दी। शिक्षा विभाग व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद एसपी ऑफिस पहुंचे, जहां विरोध-प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि बच्ची ने किसी के 3 रुपए चुरा लिए थे। इसी को लेकर महिला शिक्षक ने फटकार लगाई थी।

ग्रामीणों का आरोप है कि परिजनों ने खुद बच्ची की पिटाई कर माहौल बनाया और शिक्षिका के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया। महिला शिक्षक के पति की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है और उस पर दो बच्चों की जिम्मेदारी हैं।

उच्चैन पंचायत समिति प्रधान रामअवतार के सानिध्य में जिला पुलिस अधीक्षक को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि हम दयोपुरा के निवासी है। हमारे गांव दयोपुरा में सरकारी स्कूल में अध्यापिका को थाना सेवर द्वारा झूठे प्रकरण में गलत रूप से गिरफ्तार किया गया है जबकि बच्ची के साथ कोई मारपीट नहीं की गई और न ही कोई जातिसूचक शब्द कहे गए। एफआइआरकर्ता की बच्ची के साथ उसकी मां व उसकी चाची की ओर से ही मारपीट की गई है।