Rajasthan Development Projects: बीजासन माता मंदिर पर राजस्थान सरकार की ओर से 16 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे रोपवे का कार्य शुरू हुआ। क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बीजासन माता मंदिर पर बजट घोषणा में 16 करोड रुपए की लागत से बनाने की घोषणा की थी, जिसका लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा 23 फरवरी को बीजासन माता मंदिर क्षेत्र में भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित हुआ था। अब रोपवे का कार्य शुरू होने से मंदिर पर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की दर्शन की राह आसान होगी।
2 साल में होगा रोप वे तैयार
रोपवे 2 साल में तैयार होगा। इसमें श्रद्धालुओं के लिए 12 ट्रॉली लगाए जाएंगे। एक ट्रॉली में 6 श्रद्धालु एक साथ बीजासन माता के दर्शन के लिए जा सकेंगे। एक साथ 72 श्रद्धालु रोपवे से माता के दर्शन करेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ व आवश्यकता को देखते हुए 12 ट्रॉली को बढ़ाकर 16 के दिन किए जा सकते हैं। 16 ट्रॉली में एक साथ 96 श्रद्धालु बीजासन माता के दर्शन करने जा सकेंगे।
इस तरह से होगा रोपवे का कार्य
रोपवे क्षेत्र में तारबंदी का कार्य शुरू कर दिया है। 15 से 20 दिनों में को कार्य को गति मिलेगी। सबसे पहले सिविल स्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल का कार्य होगा। सभी कार्य पूरे होने के बाद एक दो महीने टेस्टिंग की जाएगी। टेस्टिंग के बाद ही रोपवे के ट्रॉली में बैठकर माता के दर्शन कर सकेंगे।
विकलांग, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ
पहाड़ियों पर स्थित बीजासन माता दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लगभग साढ़े सात सौ सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता था। अब रोपवे तैयार होने के बाद बुजुर्ग विकलांग सहित अन्य श्रद्धालु भी दर्शन आसानी से कर सकेंगे। रोपवे बनने के बाद क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बीजासन माता मंदिर पर रोपवे के कार्य का शुरू कर तारबंदी का काम शुरू कर दिया है। 15 से 20 दिनों में रोपवे का कार्य तेजी पकड़ेगा और करीब डेढ़ वर्ष में रोपवे का कार्य पूरा करने का प्रयास करेंगे। रोपवे में 12 ट्रॉली लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही तो 12 के दिन से बढ़कर 16 के दिन किए जा सकते हैं।
दीपक सक्सेना, संवेदक रोपवे
बीजासन माता क्षेत्र में रोपवे का कार्य शुरू होने से श्रद्धालुओं में खुशी देखने को मिल रही है। रोपवे बनने के बाद बुजुर्ग व विकलांग श्रद्धालु दर्शन आसानी से कर सकेंगे। वहीं रोपवे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।
हरीश योगी, अध्यक्ष,श्री बीजासन माता कल्याण और विकास समिति, इंद्रगढ़