Gulab Kothari Article : यही सही है कि ब्रह्म ने माया को पैदा किया- अपने विस्तार के लिए, किन्तु समय के साथ अन्न बदला और ब्रह्म और माया का मन बदला। जब ब्रह्म के मन में पहली बार इच्छा हुई थी, वह अकेला था। चारों ओर अंधकार था, शून्य था। आज भीड़ है- माया का साम्राज्य इतना बड़ा हो गया कि शून्य ही खो गया।