70% दिव्यांग सावन कुमार का जज्बा: मजदूर पिता के बेटे ने JEE Main में हासिल किया 99.14 परसेंटाइल

Inspirational JEE Story: शिक्षा की काशी कोटा संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानियों का गढ़ है। यहां स्टूडेंट जो सीखता है वो जीवनभर काम आता है और आगे बढ़ाता है। ऐसी ही एक और कहानी सामने आई है।

ये है कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव निवासी 19 वर्षीय सावन कुमार की। पैरों से कमजोर लेकिन इरादों से मजबूत सावन कुमार ने साबित कर दिया कि हौसले से हर बाधा पर पार पाई जा सकती है।

सावन ने जेईई मेन 2026 में 99.14 परसेंटाइल स्कोर किया है और अब जेईई-एडवांस्ड के लिए तैयारी कर रहा है। सावन ने बताया कि जब मात्र दो वर्ष का था तब पोलियो से ग्रस्त हो गया था। इस कारण दोनों पैरों में लगभग 70 प्रतिशत लोकोमोटर डिसएबिलिटी विकसित हो गई। जिससे चलने में कठिनाई होती है। लेकिन उसने इस शारीरिक स्थिति को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया।

सावन एक साधारण किसान परिवार से है। पिता प्रभु राय के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और वे मजदूरी व बटाई पर खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सावन की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही एक स्कूल में हुई। बाद में प्रवेश परीक्षा में श्रेष्ठता साबित करते हुए बिहार के सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई में कक्षा 6 से 10 तक निशुल्क शिक्षा प्राप्त की।

कक्षा 10 की बिहार बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल करने के बाद परिजनों ने इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा भेजने का निर्णय लिया। सावन के संघर्ष व प्रतिभा को पहचानते हुए कोटा कोचिंग ने भी फीस में 80 प्रतिशत की छूट प्रदान की।

लक्ष्य…आइआइटी में कम्प्यूटर साइंस

जेईई मेन में प्रदर्शन के बाद अब सावन का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस्ड 2026 में सफलता हासिल करना है। वे देश के शीर्ष संस्थान से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं। भविष्य में वे सिविल सेवा में जाकर समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना चाहते हैं।