राजस्थान में जनगणना का ‘महा-अभियान’ शुरू, CM भजनलाल ने खुद भरा स्व-गणना फॉर्म, जानें पूरी प्रक्रिया

राजस्थान के विकास के नक्शे को नई दिशा देने के लिए आज से एक बड़े राष्ट्रीय दायित्व का आगाज हो गया है। प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ के तहत ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) की प्रक्रिया आज 1 मई 2026 से शुरू हो चुकी है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में अपना प्रपत्र भरकर इस मुहिम की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए इसे प्रदेश की उन्नति के लिए अनिवार्य बताया। यह प्रक्रिया 15 मई तक चलेगी, जिसमें तकनीक के माध्यम से आम जन को सीधे अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी गई है।

आज से प्रदेश में प्रारंभ हो रही जनगणना के प्रथम चरण ‘हाउस लिस्टिंग’ प्रक्रिया के अंतर्गत, मैंने अपना स्वयं-गणना (Self Enumeration) प्रपत्र भरा।

यह प्रक्रिया सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर पात्र नागरिक तक प्रभावी रूप से पहुँचाने तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए सटीक नीतियाँ… pic.twitter.com/LPuwO0Or12

— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) May 1, 2026

आपकी सही जानकारी ही विकास की गति : CM भजनलाल

मुख्यमंत्री ने फॉर्म भरने के बाद प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि सरकार की योजनाओं को पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने का जरिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

सटीक नीतियां: जनगणना से प्राप्त डेटा के आधार पर ही भविष्य की जनकल्याणकारी नीतियां बनाई जाएंगी।

सक्रिय भागीदारी: सीएम ने आग्रह किया कि जब जनगणना दल आपके घर पहुँचे, तो उन्हें पूर्ण सहयोग दें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

डिजिटल इंडिया का असर: नागरिक स्वयं पोर्टल (http://se.census.gov.in) पर जाकर अपना डेटा भर सकते हैं।

प्रदेश में आज से जनगणना प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसके अंतर्गत मैंने अपना स्वयं-गणना प्रपत्र डिजिटल माध्यम से भरकर पूर्ण किया है।

सभी प्रदेशवासियों से आग्रह है कि जिम्मेदार नागरिक बनकर जनगणना को सफल बनाएँ और देश के विकास में अपना योगदान सुनिश्चित करें।#Census2027 #जनगणना2027 pic.twitter.com/ANbCKFqgFk

— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) May 1, 2026

जयपुर जिला प्रशासन अलर्ट: प्रगणकों को OTP शेयर न करें!

प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जयपुर जिला कलक्टर संदेश नायक ने इस अभियान को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जनगणना के प्रथम चरण में स्व-गणना का कार्य 1 मई से 15 मई तक

पार्टल के माध्यम से डेक्सटोप अथवा स्मार्टफोन पर कर सकेंगे स्व-गणना, तैयारिया पूर्ण

जयपुर जिला कलक्टर ने जिलेवासियों से की स्व-गणना की अपीलhttps://t.co/zkGfuWbDe1 pic.twitter.com/ypiCLQo4qf

— सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान सरकार (@DIPRRajasthan) April 30, 2026

उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चेतावनी दी है:

OTP की गोपनीयता: स्व-गणना के बाद जब प्रगणक (Enumerator) डेटा सत्यापन के लिए घर आएं, तो उन्हें अपना निजी OTP शेयर न करें

सत्यापन जरूरी: स्व-गणना पोर्टल पर डेटा भरने के बाद भी प्रगणक घर जाकर डेटा की जांच करेंगे।

एडिट का मौका: फाइनल सबमिट से पहले डेटा एडिट किया जा सकता है। फाइनल सबमिट के बाद केवल प्रगणक ही आपके कहने पर डेटा में सुधार कर सकेगा।

आगामी चरण: कब क्या होगा?

चलो निभाएं अपनी जिम्मेदारी, करें जनगणना में भागीदारी

भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027, 1 मई से प्रारंभ की जा रही है। जिसके तहत हर राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में, मकान सूचीचकरण एवं मकानों की गणना आरंभ होने जा रही है। इससे पहले 15 दिनों (स्व-गणना: 1 मई से 15 मई 2026 तक) की विशेष सुविधा… pic.twitter.com/r6MJN2Zc3D

— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) April 27, 2026

राजस्थान में जनगणना की तैयारियां चरणबद्ध तरीके से चल रही हैं। जयपुर जिले में प्रशासनिक इकाइयों की सीमा सील करने और मानचित्रों के सत्यापन का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।

1 मई से 15 मई 2026: ऑनलाइन स्व-गणना (Self Enumeration) पोर्टल खुला रहेगा।

16 मई से 14 जून 2026: मकान सूचीकरण और भवन गणना का जमीनी कार्य (Field Work) होगा।

फरवरी 2027: दूसरे चरण में वास्तविक जनसंख्या गणना (Actual Population Enumeration) की जाएगी।

प्रिय प्रदेशवासियो,

राज्य में 1 मई से जनगणना 2027 का शुभारंभ होने जा रहा है। 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक ‘स्व-गणना’ कर सकेंगे एवं 16 मई से 14 जून 2026 तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे।

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। जनगणना कर्मी लंबी… pic.twitter.com/WaiQXQP8FZ

— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) April 29, 2026

सुरक्षा और तकनीक का संगम

जनगणना कार्य के लिए अकेले जयपुर में 5277 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं। इसके सुचारु संचालन के लिए 4779 प्रगणक और 780 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) के जरिए पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों का प्रशिक्षण फरवरी में ही संपन्न हो चुका है, जिससे त्रुटि की संभावना न्यूनतम रहे।

जनप्रतिनिधियों और आमजन से अपील

जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्य को पूरी निष्ठा से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी आह्वान किया है कि वे अपने क्षेत्र के लोगों को स्व-जनगणना पोर्टल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें, ताकि प्रगणकों का काम आसान हो सके और डेटा अधिक सटीक प्राप्त हो।