Bundi : शादी में खाना हुआ दूषित, दुल्हन समेत 50 जनों की तबीयत बिगड़ी

नैनवा. शहर से आठ किमी दूर टोंक जिले के कचरावता गांव में बुधवार रात को शादी में बनाया खाना खाने के बाद पचास से अधिक लोगों तबीयत बिगड़ गई, जिनको उपचार के लिए नैनवां उपजिला चिकित्सालय में लाया गया। दुल्हन समेत 40 लोगों को चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार शुरू किया, जिनमे 6 बच्चें भी शामिल थे। खाना खाने के बाद तबीयत बिगडऩे लगी तो रात 12 बजे से ही पीडि़त उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंचना शुरू हो गए। पीडि़तों के आने का सिलसिला गुरुवार सुबह चार बजे तक चलता रहा, जिनको चिकित्सालय के तीन वार्डों में भर्ती कर उपचार शुरू किया।

मरीजों के साथ आए लोगों ने बताया कि बुधवार गांव में राजेश की पुत्री की शादी के खाने में काजू कतली, रसगुल्ला, दही का रायता, नमकीन, पुड़ी व आलू की सब्जी बनाई थी। खाना खाने के दो से तीन घण्टे बाद ही तबीयत बिगडऩे के साथ ही उल्टी-दस्त होने लगे। रात 12 बजे से ही तबीयत बिगडऩे लगी तो उपचार के लिए पीडि़तों को नैनवां उपजिला चिकित्सालय लेकर आने लगे।

यह मरीज हुए भर्ती
कचरावता निवासी गन्नू (11), सुरजा (40 ), राजेश (30), निरमा (25), कन्नू (6), सुशीला (32), उर्मिला (27), शिवानी (20), सीमा (30), संतोष (35), सुनीता (37), फालतू बाई (23), रोशन (40), राजू (50), गोलू (25), ङ्क्षप्रस पुत्र राजेश (11), ङ्क्षप्रस पुत्र मनोज (10), सीताराम (37), ऋषि (8), दीपक (18), हिमांशु (5), दुल्हन मुस्कान (18), बरजी (65), फुलेता निवासी सम्पत (30), लाड़बाई (32), समरावता निवासी सुगना (48), लोकेश (35), जयपुर निवासी सुरेशचंद (52), शिवकुमार (37), सोना (27), श्रीपुरा निवासी प्रेमबाई (60), बनवारी (25), ढकोलिया निवासी कमलेश (50), रामगंजमण्डी निवासी राजेन्द्र (33), सातलखेड़ी निवासी कंचन (50), जेतपुर निवासी रेखा (25), टोंक निवासी प्रियंका (20), बामनगांव निवासी धर्मराज (23), हाड़ौती निवासी मोहनलाल (80) उपचार के लिए भर्ती किया गया।

6 घण्टे उपचार में जुटी रही चिकित्सा टीम
चिकित्सक डॉ. सुरेशकुमार, नर्सिंग ऑफिसर मिथलेश गुर्जर, कौशल्या, टीना व ङ्क्षरकू लगातार 6 घण्टे तक उपचार में जुटे रहे। जैसे-जैसे मरीज आते गए वैसे ही गंभीर गम्भीर हालत वाले मरीजों को भर्ती कर उपचार करते रहे। उपचार शुरू होने के साथ ही मरीजों की स्थिति में सुधार होता गया। मरीज ठीक होते गए वैसे ही अपने गांव चले गए।

एक बेड पर दो-दो मरीज
कचरावता गांव में शादी में खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत के बाद इतने मरीज उपचार के लिए चिकित्सालय में पहुंचे तो बेड कम पड़ गए। मरीजों को भर्ती करने के लिए तीन वार्ड खोलने के बाद भी एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती करने पड़े। बेड कम पड़े तो कुछ मरीजों का स्ट्रेचर पर ही उपचार शुरू करना पड़ा।