श्रीगंगानगर के विधायक सेवा केंद्र पर बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी के साथ हुई कथित हाथापाई के बाद राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स अब आरोपी अभियंताओं के समर्थन में आगे आई हैं। संगठन ने विधायक जयदीप बिहाणी और समर्थकों पर ही बैठक में बुलाए गए आरयूआइडीपी और एलएंडटी के अभियंताओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए प्रशासन को इस मामले में न्यायोचित कार्यवाही नहीं होने पर प्रदेश भर में कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
प्रदेश अध्यक्ष बलराम जाखड़ ने कहा है कि अभियंताओं जगनलाल बैरवा व अन्य के साथ विधायक और उनके समर्थकों ने जो कृत्य किया, वह अमानवीय होने के साथ प्रदेश के अभियंता समाज के आत्मसम्मान पर प्रहार है। जाखड़ ने कहा है कि बैठक के नाम पर अभियंताओं को विधायक सेवा केन्द्र में बुलाकर विधायक और उनके समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से मारपीट की। घटना की रिकॉर्डिंग नहीं कर सके, इसके लिए उनके मोबाइल जब्त कर लिए गए। मारपीट के दौरान अभियंताओं के खून आया और उनकी शर्ट भी फट गई, जिसे छिपाने के लिए विधायक और उनके समर्थकों ने नई शर्ट पहनाने का षड्यंत्र रचा।
पुलिस की भूमिका पर भी उठाए सवाल
जाखड़ पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता के दबाव में पुलिस ने लहूलुहान अभियंताओं पर ही झूठा मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने अभियंताओं को बिना शर्त रिहा करने, विधायक व समर्थकों के खिलाफ नामजद एफआइआर दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच उच्च स्तरीय कमेटी से करवाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेश के अभियंता कार्य के बहिष्कार का कदम उठाएंगे।
सड़क को दोबारा बनवाया… तब से कंपनी के निशाने पर हूं: विधायक
इधर, बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी ने दावा किया कि ठेका कंपनी एलएंडटी ने सीवर लाइन और वाटर लाइन के नाम पर हर मोहल्ले में सड़कों को खोद दिया है। जगह-जगह पानी के कनेक्शन तोड़ दिए, इसका विरोध किया। मैंने करीब डेढ़ साल पहले जी-ब्लॉक में खानापूर्ति से बनाई जा रही सड़क को जांच करवाकर दोबारा बनवाया था, तब से ठेका कंपनी एलएंडटी के निशाने पर हूं। मैंने ठेका कंपनी के घटिया कामों को जिला कलक्ट्रेट की बैठकों में उठाया, लेकिन कोई एक्शन नहीं हो पाया। जल मिशन के नाम पर साढ़े 500 करोड़ रुपए के बजट को गोलमाल किया गया। इसकी जांच के लिए वे बार बार हर मंच पर बोलते रहे, लेकिन सरकार ने एक्शन नहीं लिया। यदि एक्शन लिया होता तो अब तक धरातल पर काम दिखता। घटना के बाद विधायक शहर के कई प्रमुख नागरिकों के साथ कलक्टर से मिले और घटनाक्रम से अवगत करवाया।
ये है पूरा मामला
पेयजल किल्लत के समाधान के लिए बुलाई गई बैठक में बात अफसरों के देरी से पहुंचने पर बिगड़ी और फिर बिगड़ती चली गई। इंतजार के बाद जब विधायक केंद्र से निकलने लगे तो अफसर पहुंचे और कहासुनी हो गई। चूंकि पेयजल किल्लत से प्रभावित लोग भी वहां मौजूद थे तो पहले विधायक ने आपा खोया और बाद में अफसर बिफर गए। हाथापाई बाद विधायक की सूचना पर पहुंची और अफसरों को डिटेन कर लिया।
बाद में विधायक के पीए की शिकायत पर के अफसरों के लिए हाथापाई और राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज किया गया। घटनाक्रम के दौरान आबादी से पूर्व पार्षद जगदीश घोड़ेला, सुभाष खटीक, अशोक मेठिया, बंटी वाल्मीकि, सुशील चावला, सुशील नायक आदि करीब बीस लोग वहीं मौजूद थे। विधायक पर हमले की जानकारी मिलते ही व्यापारी नेता नरेश शर्मा, नगर परिषद के पूर्व सभापति महेश पेड़ीवाल, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रतन गणेशगढ़िया व संजय मूंदड़ा सहित कई नेता भी पहुंच गए।