नीमराणा क्षेत्र के मोहलड़िया गांव के बिचपुरी रोड स्थित कबाड़ गोदाम में शुक्रवार को लगी भीषण आग ने 4 लोगों की जान जाने की की पुष्टि हुई है। साथ ही पुलिस ने गोदाम मालिक को डिटेन कर लिया है। बता दें इस आग के कारण गोदाम परिसर में मची अफरातफरी में फंसी एक 7 वर्षीय बच्ची सहित 4 लोगों की झुलसकर मौत हो गई। घटना के बाद से ही क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
DNA रिपोर्ट से होगी मृतकों की पहचान
शनिवार को पुलिस और प्रशासन ने मृतकों की आधिकारिक सूची जारी की है। पुलिस के अनुसार, मृतकों में जोनी (28) पुत्र जगदीश, कविता (पुत्री रूपनलाल), 7 वर्षीय आरुषी पुत्री संतराम और रविदत्त (60) पुत्र पूर्ण शामिल हैं। आग में शवों के बुरी तरह झुलस जाने के कारण उनकी पहचान सुनिश्चित करना चुनौती बन गया था। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड से शवों का पोस्टमार्टम करवाया और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी मृतकों के DNA सैंपल लिए गए हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि विस्तृत DNA रिपोर्ट आने के बाद ही मृतकों की पहचान पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।
गेट पर फंसे ट्रक ने छीनी मजदूरों की जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के समय परिसर में अफरातफरी का माहौल था। मजदूर जान बचाने के लिए गेट की तरफ भागे, लेकिन वहां खड़ा एक ट्रक आग की लपटों की चपेट में आकर पूरी तरह फंस गया। ट्रक चालक के भाग जाने के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया। दूसरी ओर, प्लास्टिक दाने की फैक्ट्री की दीवार ऊंची होने के कारण मजदूर उसे फांद नहीं सके और अंदर ही फंस गए। आग ने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठ रहे सवाल
घटनास्थल ईपीआइपी (EPIP) क्षेत्र के पास होने के कारण वहां रिहायशी हाउसिंग सोसायटियां भी हैं। लोगों का आरोप है कि गोदाम और फैक्ट्री में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं थे। यदि सुरक्षा मानक पूरे होते, तो शायद यह बड़ा हादसा टल सकता था। बता दें कि रात करीब 10 बजे तक 4 शवों को नीमराणा के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया जा चुका था। इस गोदाम में बड़ी मात्रा में सेंट (परफ्यूम) की खाली शीशियां व अन्य कबाड़ भरा हुआ था।