Rajasthan Politics : ‘हनुमान बेनीवाल अब कभी नहीं जीतेंगे लोकसभा चुनाव’, मंत्री मदन दिलावर की ये कैसी ‘भविष्यवाणी’? बताई वजह

राजस्थान की राजनीति में अपने तीखे तेवरों के लिए मशहूर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक बार फिर बड़ा सियासी धमाका किया है। इस बार उनके निशाने पर कोई और नहीं, बल्कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल हैं। दिलावर ने एक ताज़ा दिए बयान में न केवल बेनीवाल के राजनीतिक चरित्र पर सवाल उठाए, बल्कि सार्वजनिक रूप से यह ‘गारंटी’ तक दे डाली कि बेनीवाल अब कभी भी संसद की दहलीज पार नहीं कर पाएंगे।

जिन्हें सहारा दिया, वही आंखें दिखाने लगे : दिलावर

मदन दिलावर ने बेनीवाल के पुराने गठबंधनों का जिक्र करते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें सहारा दो, तो वे सहारा पाने के बाद खुद को ही सबसे ज्यादा ताकतवर समझने लगते हैं।”

भाजपा का जिक्र: दिलावर ने याद दिलाया कि नागौर में बेनीवाल को पहली बार भाजपा ने ही सांसद बनाया था, लेकिन जीतने के बाद उन्होंने भाजपा को ही आंखें दिखानी शुरू कर दीं।

कांग्रेस पर हमला: उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद वे कांग्रेस के समर्थन से संसद पहुँचे, लेकिन अब वे कांग्रेस को भी चुनौती दे रहे हैं। दिलावर के अनुसार, यह ‘भरोसे के साथ खिलवाड़’ की राजनीति अब खत्म होने वाली है।

‘जनता का विश्वास खो चुके हैं बेनीवाल

शिक्षा मंत्री ने बेनीवाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने जनता के बीच अपनी ‘Credibility’ (विश्वसनीयता) पूरी तरह खो दी है। दिलावर ने कहा, “राजनीति में विश्वास ही सब कुछ होता है। जब आप बार-बार पाला बदलते हैं और हर किसी को धोखा देते हैं, तो जनता उसे गौर से देखती है। मैं लिखकर दे सकता हूँ कि वे अब कभी लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद नहीं जा पाएंगे।”

सांसद बेनीवाल के ‘पलटवार’ का इंतज़ार

File PIC

आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में अब इंतज़ार आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के पलटवार का हो रहा है। बेनीवाल समर्थक इंतज़ार में हैं कि उनके सांसद जल्द ही अपने चिर-परिचित और आक्रामक अंदाज़ में शिक्षा मंत्री के बयान का जवाब दें।

नागौर की राजनीति में मचेगा घमासान

मदन दिलावर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भविष्य की रणनीतियों पर मंथन चल रहा है। नागौर बेनीवाल का गढ़ माना जाता है, लेकिन भाजपा के इस सीधे हमले ने वहां के समीकरणों को और भी दिलचस्प बना दिया है। क्या बेनीवाल दिलावर की इस ‘गारंटी’ को अपनी अगली जीत से चुनौती देंगे? या दिलावर का यह वार बेनीवाल के वोट बैंक में सेंध लगाएगा?

दिलावर का ‘बेबाक’ अंदाज: विवाद या रणनीति?

मदन दिलावर अपने बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। उनका यह ताजा हमला केवल एक बयान नहीं, बल्कि भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जहाँ वे बेनीवाल को ‘अवसरवादी’ साबित कर उनके ‘जाट’ और ‘युवा’ वोट बैंक को अपने पाले में खींचना चाहते हैं।