Jaipal Poonia Murder: जयपाल पूनिया हत्याकांड में पूर्व विधायक के भाई सहित 9 आरोपियों को उम्रकैद, बीच सड़क गोलियां से भूना था

कुचामनसिटी। एडीजे न्यायालय कुचामन सिटी ने नावां के बहुचर्चित जयपाल पूनिया हत्याकांड में सभी दोषी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले 11 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया गया था, जबकि दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह मामला चार साल पहले नावां में नमक कारोबारी जयपाल पूनिया की दिनदहाड़े हुई हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। वारदात का मुख्य आरोपी मोती सिंह चौधरी, नावां से कांग्रेस विधायक रहे महेंद्र सिंह चौधरी का भाई है।

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9 आरोपी दोषी, 2 को मिला संदेह का लाभ

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता बोदुराम चौधरी के अनुसार न्यायाधीश खारोल ने मुख्य आरोपी मोती सिंह चौधरी सहित शार्प शूटर रणजीत, फिरोज खान, हारून, संदीप, तेजपाल, राजेश और कृष्ण कुमार को हत्या का दोषी ठहराया है। वहीं कुलदीप और हनुमान सैनी को पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।

दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग

यह सनसनीखेज वारदात 14 मई 2022 को नावां सिटी के तहसील रोड स्थित रेलवे फाटक के पास हुई थी। उस दिन बोलेरो गाड़ी में सवार 4-5 बदमाशों ने नमक व्यापारी जयपाल पूनिया की कार को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमलावरों ने पहले कार के शीशे तोड़े और फिर नजदीक से गोलियां बरसाईं। गंभीर रूप से घायल जयपाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस हत्याकांड से लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था।

हत्या से पहले की गई रेकी

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोती सिंह चौधरी ने वारदात से पहले अपने साथियों के साथ मिलकर जयपाल पूनिया की रेकी की थी। इसके बाद शार्प शूटर रणजीत समेत अन्य शूटरों को लोकेशन देकर फायरिंग के लिए भेजा गया। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। यहां तक कि जयपाल को जयपुर ले जाते समय भी मुख्य आरोपी ने उसका पीछा किया, ताकि उसकी स्थिति की जानकारी मिलती रहे।

तीन दिन में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने 17 मई 2022 को मुख्य आरोपी मोती सिंह सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसआईटी और क्राइम ब्रांच की टीम ने जून 2022 तक अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया। कुछ फरार आरोपियों पर इनाम घोषित कर उन्हें अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।

मुझे न्यायपालिका पर भरोसा था

फैसले के दौरान मृतक की पत्नी संतरा पूनिया भी न्यायालय में मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था कि उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि फैसला उनकी उम्मीदों के अनुरूप है, लेकिन जो दर्द उन्हें मिला है, वैसा दुख किसी और को नहीं मिले।