Jaipur Traffic: इन्दुनी फाटक आरओबी और महल रोड यू-टर्न से यातायात होगा सुगम

Jaipur Road Project: जयपुर. राजधानी जयपुर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में जयपुर विकास आयुक्त (जेडीसी) सिद्धार्थ महाजन ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण यातायात बिंदुओं का दौरा कर निर्माण एवं सुधार कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन्दुनी फाटक आरओबी, महल रोड स्थित हरे कृष्णा मार्ग पर प्रस्तावित यू-टर्न और शिप्रा पथ स्थित डी-पार्क सर्किल एवं डी-मार्ट जंक्शन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जेडीसी ने सीबीआई/इन्दुनी फाटक (एलसी-214) पर निर्माणाधीन चार लेन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। करीब 950 मीटर लंबे इस आरओबी के निर्माण से खो-नागोरियन रोड से 7 नम्बर चौराहा, जगतपुरा और महल रोड तक यातायात बिना बाधा के संचालित हो सकेगा। जेडीसी ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने फाउंडेशन, सब-स्ट्रक्चर और सुपर-स्ट्रक्चर कार्यों की विस्तृत जानकारी भी ली।

इसके बाद जेडीसी ने जोन-9 अंतर्गत महल रोड स्थित हरे कृष्णा मार्ग पर प्रस्तावित यू-टर्न एवं यातायात सुधार कार्यों का निरीक्षण किया। इस परियोजना के लिए 1212.11 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की जा चुकी है तथा संबंधित एजेंसी को लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) भी प्रदान कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्य को 31 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए ताकि आमजन को जल्द राहत मिल सके।

जेडीसी ने शिप्रा पथ स्थित डी-मार्ट जंक्शन का भी दौरा किया। यहां बढ़ते ट्रैफिक दबाव और बार-बार लगने वाले जाम को देखते हुए उन्होंने डी-मार्ट के बाहर सड़क चौड़ीकरण के सख्त निर्देश दिए। उनका कहना था कि सड़क चौड़ी होने से वाहन चालकों को सुविधा मिलेगी और इस व्यस्त क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी।

उल्लेखनीय है कि डी-पार्क सर्किल लंबे समय से ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या बना हुआ था। सर्किल की संरचना के कारण 100 मीटर के दायरे में दोनों ओर तिराहे होने से यातायात बार-बार बाधित होता था। समस्या के समाधान के लिए जेडीए और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त निरीक्षण कर यहां ट्रैफिक संचालन की नई व्यवस्था लागू की। इसके तहत तिराहों को बंद कर ट्रैफिक को सीधे और यू-टर्न के माध्यम से संचालित किया गया। परीक्षण सफल रहने के बाद अब इस व्यवस्था को स्थायी रूप दे दिया गया है, जिससे क्षेत्र में यातायात पहले की तुलना में अधिक सुचारू हो गया है।