जैसलमेर शहर में गर्मी के तेवर लगातार सख्त होते जा रहे हैं। गुरुवार को धूप की किरणों ने हर किसी को परेशान किए रखा। दोपहर और उसके बाद चलने वाली गर्म हवाओं के झोंकों ने लू का अहसास करवाया। ज्यादातर लोग घरों में या छायादार स्थानों पर रुके रहे। आम सडक़ें व बाजार इस दौरान सूने नजर आए। दोपहर 12 बजे के बाद से ही भीड़भाड़ छंटनी शुरू हो गई थी और दोपहर 2 बजे तक तो आम तौर पर अत्यंत व्यस्त नजर आने वाली सडक़ों पर भी इक्का-दुक्का वाहन व पैदल चलते व्यक्ति दिखे। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 41.5 व न्यूनतम 25.0 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया। गत बुधवार को यह क्रमश: 39.5 व 24.1 डिग्री रहा था। इस तरह से अधिकतम पारे में 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में मरुस्थलीय क्षेत्र में गर्मी का रौद्र रूप दिखाई देने की संभावना है।
पोकरण क्षेत्र में भीषण गर्मी व लू का दौर लगातार जारी है। गुरुवार को सुबह सूर्य की तेज किरणेंं निकली। सुबह 9 बजे बाद ही तापमान बढऩे लगा और 10 बजे बाद लू का दौर शुरू हो गया। दोपहर में भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों के कारण आमजन का घरों से निकलना मुश्किल हो गया, जिससे मुख्य मार्गों पर चहल पहल कम नजर आई। देर शाम तक भी भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी रहा। लगातार भीषण गर्मी व लू के प्रकोप के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मानसिक स्वास्थ्य व नशामुक्ति पर किया जागरुक, दिलाया संकल्प
पोकरण. पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय सीमा सुरक्षा बल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों व स्टाफ को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित संभागियों को नशामुक्ति का संकल्प भी दिलाया गया। राजकीय जिला चिकित्सालय के मनोरोग एवं नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ.जितेन्द्र नारानिया ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता जैसी समस्याओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और सही उपचार से इन समस्याओं से आसानी से निपटा जा सकता है। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डालते हुए युवाओं को इससे दूर रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में डॉ.कामिनी गुप्ता ने भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की और विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य विष्णुदत्त टेलर ने चिकित्सकों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और जागरूक बनने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। सभी ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।