Rajasthan: राजस्थान में एक फोन पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को तुरंत प्रभाव से किया कार्यमुक्त, जानिए क्या है पूरा मामला

जयपुर। शासन सचिव, श्रम, कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षण एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (ईएसआई) विभाग पूर्णचन्द्र किशन ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों के परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

परिवादी से की फोन पर बात

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बालोतरा के परिवादी राजकुमार से फोन पर बात कर कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय में कार्यरत चिकित्सक के खिलाफ शिकायत सुनी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई को हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

‘लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा फायदा मिले’

शासन सचिव ने कुल 12 परिवादियों से बातचीत कर श्रमिक कल्याण, श्रमिक डायरी, मुआवजा, प्रसूति सहायता योजना की किस्त, श्रमिक कार्ड अपडेट और श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा फायदा मिल सके।

परिवादों की समीक्षा भी की गई

इस दौरान 181 हेल्पलाइन पर दर्ज श्रम विभाग, कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षण और ईएसआईसी से जुड़े परिवादों की समीक्षा भी की गई। आरआईएसएल के महाप्रबंधक जी के शर्मा ने बताया कि पिछले एक वर्ष में विभाग से संबंधित 27,911 शिकायतों में से 26,528 का निस्तारण किया जा चुका है, जो 95 प्रतिशत से अधिक है। यह आंकड़ा शिकायत निवारण प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

उल्लेखनीय है कि आमजन की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए विभागीय सचिव निर्धारित तिथियों पर 181 हेल्पलाइन कंट्रोल रूम में पहुंचकर सीधे परिवादियों से संवाद कर रहे हैं। इस व्यवस्था से लोगों को घर बैठे अपनी समस्या दर्ज कराने और शीघ्र समाधान पाने में सुविधा मिल रही है।

इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन में पहुंचे थे। यहां उन्होंने परिवादी सांवलका की ढाणी निवासी सुधीर से बात की थी। दरअसल सुधीर ने सड़क के बीच लगे बिजली के पोल की समस्या दर्ज करवाई थी। सीएम का फोन आने के बाद महज दो घंटे में पोल हटाकर रास्ता साफ कर दिया गया था।