चर्चा में गहलोत और पायलट की फोटो, BJP बोली- जिसे नकारा कहा वो कभी साथ नहीं दे सकता

Rajasthan Politics: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की मुलाकात एक बार फिर सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गई। दिल्ली में दोनों नेताओं के हाथ मिलाने वाली फोटो पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तंज कसा है।

जयपुर में भाजपा मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि जब किसी को यह साबित करना पड़े कि हमारे बीच मतभेद नहीं है। यही इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण होता है कि मतभेद मौजूद हैं।

मदन राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत ने मीडिया से कहा कि देखिए हम साथ- साथ हैं। फिर ये मत कहना साथ नहीं है। फोटो खिंचवा दो। इसी में सब कुछ छिपा हुआ है कि कितना मतभेद है। फोटो खिंचवाकर साबित करना, इसका मतलब है कि दोनों के बीच कितने अंतर्द्वंद है। जिसको निकम्मा नकारा कहा है वो जिंदगी में कभी नहीं भूल सकता। वो कभी जीवन में साथ नहीं हो सकता। ये नाटक करते हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत के उस बयान पर भी निशाना साधा जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के एससी-एसटी-ओबीसी वाले बयान का समर्थन किया। मदन राठौड़ ने कहा कि पूर्व सीएम अशोक कह रहे हैं कि राहुल गांधी ने पहली बार एससी-एसटी और ओबीसी की बात की, तो क्या इससे पहले कांग्रेस के लिए एससी-एसटी और ओबीसी केवल वोट बैंक था? इसका मतलब है कि कांग्रेस केवल जातीय वोटों की राजनीति करती है।

रिफाइनरी में आग को लेकर भी बोले

मदन राठौड़ ने रिफाइनरी में लगी आग को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि आखिर चूक कहां हुई। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।

गौरतलब है कि नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने न सिर्फ हाथ मिलाया, बल्कि कैमरों के सामने सहज अंदाज में बातचीत भी की थी। पायलट से हाथ मिलाते हुए गहलोत ने पत्रकारों से मुस्कुराकर कहा था कि ‘फोटो ले लो… फिर कहोगे बनती नहीं है।’ दोनों नेता कांग्रेस की ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।