जोधपुर। म्यूल अकाउंट के जरिए देशभर में सक्रिय ठगी के नेटवर्क का साइबर पुलिस जोधपुर ने खुलासा किया है। लालच में आकर अपना कॅरियर दांव पर लगाना चार युवकों को भारी पड़ गया। उन्होंने साइबर ठगों को अपने बैंक खाते किराए पर दे दिए, जिनके माध्यम से करीब 70 लाख रुपए का लेन-देन हुआ। साइबर पुलिस ने इस बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन दिहाड़ी मजदूर और एक बेरोजगार युवक शामिल है।
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पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के निर्देश पर साइबर ठगों के खिलाफ चल रही विशेष मुहिम के तहत पुलिस निरीक्षक सुरेश सारण के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने फरदीन खान पुत्र अब्दुल मजीद निवासी बलदेव नगर दुर्गादास कॉलोनी, देव कंडारा पुत्र रवि कंडारा निवासी हरिजन बस्ती कागा कॉलोनी, रोहित पंडित पुत्र अशोक पंडित निवासी हरिजन बस्ती किला रोड और हिमांशु यादव पुत्र तेजसिंह निवासी मधुबन हाउसिंग बोर्ड बासनी प्रथम फेज को गिरफ्तार किया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान इस साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
ऐसे करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी मूल खाताधारकों से उनके बैंक खाते कमीशन पर लेकर साइबर ठगी में इस्तेमाल करते थे। आरोपियों ने विभिन्न खातों के जरिए लाखों रुपए की धोखाधड़ी की। फरदीन खान के खाते से करीब 33 लाख रुपए, देव कंडारा के खाते से 14.50 लाख रुपए और हिमांशु यादव के खाते से लगभग 19 लाख रुपए का लेन-देन किया गया। आरोपी बैंक खातों को किराए पर लेकर उन्हें साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। ठगी के बाद एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रखकर रकम निकाल लेते थे और खाताधारकों को झूठे नाम-पते बताकर गुमराह करते थे।
देशभर में फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह के तार तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और केरल सहित कई राज्यों से जुड़े हैं। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के 15 मामले दर्ज हैं। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
सावधानी जरूरी
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।