DPNG Connection: जयपुर. राज्य में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे व्यापक अवेयरनेस अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को पाइपलाइन आधारित घरेलू गैस सुविधा डीपीएनजी से जोड़ें। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में पीएनजी आधारभूत संरचना विकसित हो चुकी है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से एलपीजी फ्री जोन घोषित करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
15 दिनों में करीब 6 हजार परिवारों को नए डीपीएनजी कनेक्शन
अरोरा ने सचिवालय से वर्चुअल बैठक के दौरान कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही पीएनजी सुविधाओं के विस्तार और एलपीजी से डीपीएनजी में बदलाव को प्राथमिकता दे रही हैं। पिछले 15 दिनों में करीब 6 हजार परिवारों को नए डीपीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि अगले 15 दिनों में 8500 और परिवारों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे सीजीडी संस्थाओं के साथ नियमित बैठकें करें और प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। जहां गैस पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है, वहां कॉलोनी या क्षेत्रवार शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को कनेक्शन दिलाया जाए। शिविरों की पूर्व सूचना देकर जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
औद्योगिक क्षेत्रों में भी पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर विशेष ध्यान
औद्योगिक क्षेत्रों में भी पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पाली के टेक्सटाइल क्लस्टर, गिलोत, महेंद्र सेज, विश्वकर्मा, भीलवाड़ा, कोटा सहित विभिन्न रीको औद्योगिक क्षेत्रों को प्राथमिकता से पीएनजी से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स, हॉस्टल, ढाबे, अस्पताल और रेस्टोरेंट में भी प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए आरएसएलडीसी द्वारा प्रशिक्षित प्लंबरों की सूची सीजीडी संस्थाओं को उपलब्ध कराई जा रही है। संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन प्लंबरों को आवश्यक प्रशिक्षण देकर कार्य में तेजी लाएं, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में संयुक्त सचिव नम्रता वृष्णि, राजस्थान स्टेट गैस के एमडी विनय पाटनी सहित अन्य अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।