Bhajanlal Cabinet Decision: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक में पेंशनर्स, उद्योग, ऊर्जा, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए मोबाइल ऐप के जरिए फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक से घर बैठे वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की सुविधा देने का निर्णय लिया है। वहीं विशेष योग्यजन बच्चों को अब स्थायी विकलांगता प्रमाण पत्र केवल एक बार ही देना होगा।
बैठक में राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी, जैसलमेर में सीमेंट कंपनियों को भूमि आवंटन, अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को स्वीकृति, प्रदेश में 262 स्थानों पर 500 से अधिक ईवी चार्जिंग स्टेशन विकसित करने, बिजली-पानी की आपूर्ति की समीक्षा तथा वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान की कार्ययोजना पर भी चर्चा और निर्णय किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत तैयार मास्टर प्लान को ग्राम सभाओं से अनुमोदित कराने का फैसला भी लिया गया।
सेमीकंडक्टर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत एवं ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि 4जी-ग्रीन, गवर्नेंस, ग्रोथ और ग्लोबलाइजेशन के चार रणनीतिक स्तंभों पर आधारित राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी का अनुमोदन किया गया है। नीति का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
नीति के तहत पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक उत्पादन, अक्षय ऊर्जा और सर्कुलर इकोनॉमी को प्रोत्साहन दिया जाएगा। रीको और नॉन-रीको क्षेत्रों में सीईटीपी स्थापना के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी तथा इंटीग्रेटेड रिसोर्स रिकवरी पार्क विकसित किए जाएंगे। डीएमआइसी कॉरिडोर में नोड आधारित औद्योगिक पार्कों का विकास किया जाएगा। साथ ही फास्ट ट्रैक अप्रूवल, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, सीईटीपी और प्लग एंड प्ले सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।
पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव, अब घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाण पत्र
मंत्रिमण्डल ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम-1996 में तीन अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। अब पेंशनर्स मोबाइल एप के जरिए फेस ऑथेन्टिकेशन तकनीक से घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके साथ ही राजपत्रित अधिकारियों के अलावा अराजपत्रित कार्मिकों को भी एसएसओ आईडी के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
विशेष योग्यजन बच्चों को अब स्थायी विकलांगता प्रमाण पत्र केवल एक बार देना होगा। पहले यह प्रमाण पत्र हर तीन वर्ष में देना पड़ता था। वहीं परिवार पेंशन के लिए अब दो राजपत्रित अधिकारियों या सम्मानित व्यक्तियों की जगह केवल एक अधिकारी या सम्मानित व्यक्ति का प्रमाणीकरण पर्याप्त होगा। मंत्रिमण्डल ने राजस्थान कृषि अधीनस्थ सेवा नियम-1978 की अनुसूची में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक के नए पदनाम को शामिल करने को भी मंजूरी दी है। इससे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे।
26 मई को ग्राम सभाओं में होगा मास्टर प्लान का अनुमोदन
मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की प्रगति की समीक्षा भी मंत्रिपरिषद में की गई। यह अभियान 19 मार्च से 15 मई 2026 तक प्रदेश की 457 पंचायत समितियों की 14 हजार 403 ग्राम पंचायतों तथा 309 नगरीय निकायों के 10 हजार 245 वार्डों में संचालित हुआ। अभियान के दौरान महिलाओं, युवाओं, किसानों, कारीगरों और दिव्यांगजनों से सुझाव लिए गए। इन सुझावों और बेसलाइन डेटा के आधार पर ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किए गए हैं। इनके अनुमोदन के लिए 26 मई को प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
सीमेंट और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी
मंत्रिमण्डल ने मैसर्स डालमिया सीमेंट को जैसलमेर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में 121.42 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। कंपनी यहां करीब 3 हजार 47 करोड़ रुपए के निवेश से 3.6 मिलियन टन वार्षिक क्षमता का सीमेंट संयंत्र स्थापित करेगी, जिससे करीब 820 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा मैसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को प्रस्तावित रेलवे लाइन परियोजना के लिए 71.37 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भी भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, राजस्व में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी को एग्रीकोला मेडल मिलने पर अभिनंदन प्रस्ताव
मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किए जाने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। बैठक में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने यह सम्मान देश के किसानों और पशुपालकों को समर्पित किया है।