दौसा में भड़के भाजपा विधायक, बोले- PMO नेतागिरी करता है, फूलों का गुलदस्ता तैयार रखो, इसका इलाज तो मैं करवाऊंगा

दौसा। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बैठक में रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय के पीएमओ सहित कई अधिकारी जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे। शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक कलक्ट्रेट सभागार में चली बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और नेटवर्क जैसी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा ने बैठक में पीएमओ की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पीएमओ मरीजों को देखने के बजाय नेतागिरी में व्यस्त रहते हैं।

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उन्होंने कहा कि उन्हें गलतफहमी हो गई है। मैंने अच्छे-अच्छे के फूल चढ़ाए भी हैं उतारे भी हैं और अब उनके लिए ‘फूलों का गुलदस्ता तैयार रखो’। इसका इलाज तो मैं करवाऊंगा। दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने आरोप लगाया कि पीएमओ अस्पताल में नियमित रूप से नहीं बैठते और बुलाने के बावजूद बैठक में नहीं पहुंचे। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ लगाने के नाम पर रुपए लेने का आरोप भी लगाया। अन्य सदस्यों ने अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों पर मरीजों से गलत व्यवहार करने की शिकायत की।

दौसा सांसद को भी अलग-अलग जवाब

बैठक की अध्यक्षता कर रहे दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने अधिकारियों से ईसरदा परियोजना का पानी दौसा तक पहुंचने की समयसीमा पूछी। अधिकारियों ने पहले जुलाई, फिर सितम्बर और बाद में टेस्टिंग का हवाला देते हुए अलग-अलग जवाब दिए। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वास्तविक सिलिकोसिस पीड़ितों के कार्ड हर हाल में बनाए जाएं।

कई मुद्दों पर हुई चर्चा

बीएसएनएल अधिकारियों ने दावा किया कि जिले की ऐसी कोई पंचायत नहीं है जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं हो। इस पर कई सदस्यों ने पपलाज माता क्षेत्र में नेटवर्क समस्या का मुद्दा उठाया। बैठक में सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने और सीआरएफ योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। मनोहरपुर हाईवे को लालसोट बाइपास से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा शिक्षा, रेलवे, वन और आबकारी विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि बैठक में मिले सुझावों और निर्देशों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में जिला प्रमुख हीरालाल सैनी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

मैं तो आई साइड का भी चश्मा नहीं लगाता-पीएमओ

रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. आरके मीणा ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे तो आई साइड का भी चश्मा नहीं लगाते। नर्सिंग कर्मचारियों को लगाना या हटाना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। रुपए लेने के आरोपों को भी उन्होंने गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनका पहला काम मरीजों को देखना है और वे अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में लगे हैं।

दिशा बैठक में शामिल नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी पूरी जानकारी के साथ बैठक में मौजूद थे। जहां आवश्यकता होती है, वहां वे स्वयं जाते हैं। अस्पताल में खुद का फोटो लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका फोटो कहीं नहीं लगा है। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के ट्रोमा सेंटर उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान लगाए गए होर्डिंग जरूर मौजूद थे।

दौसा में भड़के भाजपा विधायक, बोले- PMO नेतागिरी करता है, फूलों का गुलदस्ता तैयार रखो, इसका इलाज तो मैं करवाऊंगा

दौसा। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बैठक में रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय के पीएमओ सहित कई अधिकारी जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे। शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक कलक्ट्रेट सभागार में चली बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और नेटवर्क जैसी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा ने बैठक में पीएमओ की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पीएमओ मरीजों को देखने के बजाय नेतागिरी में व्यस्त रहते हैं।

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उन्होंने कहा कि उन्हें गलतफहमी हो गई है। मैंने अच्छे-अच्छे के फूल चढ़ाए भी हैं उतारे भी हैं और अब उनके लिए ‘फूलों का गुलदस्ता तैयार रखो’। इसका इलाज तो मैं करवाऊंगा। दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने आरोप लगाया कि पीएमओ अस्पताल में नियमित रूप से नहीं बैठते और बुलाने के बावजूद बैठक में नहीं पहुंचे। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ लगाने के नाम पर रुपए लेने का आरोप भी लगाया। अन्य सदस्यों ने अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों पर मरीजों से गलत व्यवहार करने की शिकायत की।

दौसा सांसद को भी अलग-अलग जवाब

बैठक की अध्यक्षता कर रहे दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने अधिकारियों से ईसरदा परियोजना का पानी दौसा तक पहुंचने की समयसीमा पूछी। अधिकारियों ने पहले जुलाई, फिर सितम्बर और बाद में टेस्टिंग का हवाला देते हुए अलग-अलग जवाब दिए। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वास्तविक सिलिकोसिस पीड़ितों के कार्ड हर हाल में बनाए जाएं।

कई मुद्दों पर हुई चर्चा

बीएसएनएल अधिकारियों ने दावा किया कि जिले की ऐसी कोई पंचायत नहीं है जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं हो। इस पर कई सदस्यों ने पपलाज माता क्षेत्र में नेटवर्क समस्या का मुद्दा उठाया। बैठक में सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने और सीआरएफ योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। मनोहरपुर हाईवे को लालसोट बाइपास से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा शिक्षा, रेलवे, वन और आबकारी विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि बैठक में मिले सुझावों और निर्देशों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में जिला प्रमुख हीरालाल सैनी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

मैं तो आई साइड का भी चश्मा नहीं लगाता-पीएमओ

रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. आरके मीणा ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे तो आई साइड का भी चश्मा नहीं लगाते। नर्सिंग कर्मचारियों को लगाना या हटाना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। रुपए लेने के आरोपों को भी उन्होंने गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनका पहला काम मरीजों को देखना है और वे अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में लगे हैं।

दिशा बैठक में शामिल नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी पूरी जानकारी के साथ बैठक में मौजूद थे। जहां आवश्यकता होती है, वहां वे स्वयं जाते हैं। अस्पताल में खुद का फोटो लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका फोटो कहीं नहीं लगा है। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के ट्रोमा सेंटर उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान लगाए गए होर्डिंग जरूर मौजूद थे।