भिवाड़ी. शहर की एक आवासीय सोसायटी में मासूम के गले पर चाकू रखकर उसकी मां को बंधक बनाने और लूटपाट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी धनवीर पुत्र होशियार को भिवाड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हरियाणा के धारूहेड़ा क्षेत्र के महनियाबास गुर्जर घटाल गांव का निवासी है। आरोपी ने गेटेड सोसायटी आशियाना तरंग में रह रहे जूनियर इंजीनियर शुभम सक्सेना के बेटे आर्विक (2) के गले पर चाकू रखकर शुभम की पत्नी अपूर्वा को बंधक बनाया था। पुलिस के अनुसार आरोपी धनवीर कई बार शुभम के साथ उसके फ्लैट पर आ चुका था, जिसकी वजह से उसे सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी थी। आरोपी ने सोसायटी के गेट पर खड़े रहकर रैकी की थी और शुभम के ड्यूटी पर जाने के बाद वह फ्लैट में घुसा और चाकू दिखाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शुभम के अधीन वर्ष 2020 से जीएआइएल में संविदा पर कार्यरत है। शुभम की पत्नी के नहीं होने पर वह उसके फ्लैट पर आता-जाता रहता था। तब शुभम पार्टियां करता था। उसे शुभम के घर-परिवार, आर्थिक स्थिति और उसके फ्लैट पर आने-जाने के समय की जानकारी थी।
उल्लेखनीय है कि 18 मई को अपूर्वा ने मामला दर्ज कराया था कि सुबह सवा नौ बजे किसी ने दरवाजे पर घंटी बजाई। दरवाजा खोला, एक व्यक्ति जबरन अंदर घुस आया। उसने मेरे बच्चे आर्विक की गर्दन पर चाकू रख दिया और मुझसे कहा कि सहयोग करो, शोर मत मचाओ। मैंने अलमारी में रखे 60 हजार रुपए और सोने के कंगन उसे दे दिए। आरोपी ने मेरे हाथ बांध दिए और टेबल पर रखा फोन, कुछ दस्तावेज और कार की चाबी भी ले गया। जाते समय आरोपी धमकी देकर गया कि 15 लाख रुपए दे देना, नहीं तो तेरे बच्चे को खत्म कर दूंगा। अपूर्वा ने पुलिस को यह भी बताया था कि मैंने दरवाजा इसलिए खोला, क्योंकि ड्यूटी पर जाने से पहले मेरे पति यह कहकर गए थे कि पार्सल आने वाला है। वारदात के दौरान उस व्यक्ति ने दरवाजा खोलकर 150 रुपए देकर कूरियर भी प्राप्त किया था।
पुलिस ने 600 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तब दबोचा: वारदात का खुलासा करने के लिए एसपी बृजेश उपाध्याय के निर्देशन में एएसपी श्रीमन लाल मीणा, डीएसपी कैलाश चौधरी के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी सचिन शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। पुलिस ने 600 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तब आरोपी को पहचाना गया और पकड़ा गया। पुलिस की ओर से राजस्थान, हरियाणा, यूपी, बिहार, एमपी, तमिलनाडू के करीब 45 संदिग्ध में से इसकी पहचान की गई।
वारदात को अंजाम देने से पहले क्राइम स्टोरी से जुड़े सीरियल व फिल्में देखीं: कर्ज में डूबे धनवीर को जब कोई अन्य उपाय नहीं सूझा, तो उसने शुभम के फ्लैट में लूट की योजना बनाई। वारदात को अंजाम देने से पूर्व उसने अपने मोबाइल फोन पर क्राइम स्टोरी से जुड़े सीरियल और फिल्में देखीं। एक फिल्म देखने पर उसे सीसीटीवी से बचने का आइडिया आया और उसने सीसीटीवी से बचने के लिए छाता व मुंह पर मास्क लगाया था।
आरोपी को शेयर बाजार में हुआ था आर्थिक नुकसान, ढाई लाख रुपए का कर्जा था
आरोपी धनवीर ने पुलिस को बताया कि छुट्टी करने पर शुभम ने उसका वेतन काट लिया था, जिससे वह परेशान था। इसके अलावा शेयर बाजार में रुपए लगाने पर धनवीर को काफी नुकसान हुआ था। उस पर करीब ढाई लाख रुपए का कर्जा था। विगत महीने भी शुभम ने छुट्टी के नाम पर रुपए काट दिए, इससे गुस्से में शुभम से उसकी कहासुनी हो गई थी। आरोपी ने शुभम से कहा था कि कंपनी में फर्जी बिल लगाकर रुपए उठाते हो, गलत छुट्टी काटकर दूसरों के खाते में रुपए ट्रांसफर करते हो, इस बारे में कंपनी और अन्य लोगों को बता दूंगा। इस पर शुभम ने आरोपी को धमकाया, जिससे आरोपी यह मानकर चलने लगा कि शुभम उसे कंपनी से निकलवा देगा।
पुलिस को चकमा देने के लिए यह किया
वारदात के बाद पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी ने अपूर्वा के फोन का लॉक खोलकर उसे बस में रख दिया था, ताकि पुलिस भ्रमित हो जाए। वह बार-बार वाहन बदलकर इधर-उधर घूमता रहा। पहचान छिपाने के लिए कई बार कपड़े बदले। अपना मोबाइल फोन भी बंद रखा।
58 हजार रुपए बरामद, 2 हजार रुपए की शराब पी गया
पुलिस ने आरोपी से लूट की 60 हजार की राशि में से 58 हजार रुपए बरामद किए हैं। आरोपी ने बताया कि शेष 2 हजार रुपए उसने शराब पीने में खर्च कर दिए।
भिवाड़ी. वारदात का खुलासा करते पुलिस के अधिकारी।