Rajasthan: दर्द ऐसा कि पत्थर दिल भी पिघल जाए…भाई-बहन की एक साथ उठी अर्थी, कांपते हाथों से दी मुखाग्नि

भरतपुर। कामवन कस्बे में उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब तीर्थराज विमल कुंड स्थित मुक्तिधाम में एक भाई और बहन का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार मूल रूप से हरियाणा के मेवात बहुल्य क्षेत्र से कामवन आया था, लेकिन अचानक हुई इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया, जब चाचा कन्हैया ने कांपते हाथों और नम आंखों के साथ अपने भतीजे और भतीजी को मुखाग्नि दी। मुक्तिधाम में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें इस दृश्य को देखकर नम हो गई। परिवार के लोग बेसुध नजर आए और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाई-बहन की अर्थी जब मुक्ति धाम पहुंची तो वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। रिश्तेदार और परिचित परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए। अंतिम संस्कार के समय वातावरण इतना भावुक था कि कई लोगों की आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। कामवन का तीर्थराज विमल कुंड धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया।

गौरतलब है कि कस्बे के अक्खडबाड़ी मैदान स्थित नवीन बस स्टैण्ड के सामने कोल्डड्रिंक सप्लायर की दुकान पर दो ईको वैन में एलपीजी गैस सिलेंडर से अवैध रिफलिंग के दौरान लगी आग में भाई-बहन की मौत की घटना ने हर किसी का दिल दहला दिया। वहीं पांच जनों का जयपुर के एसएमएस में उपचार चल रहा है।

काश चला जाता क्रिकेट एकेडमी

हादसे का शिकार लक्ष्य कस्बे के कोसी रोड स्थित क्रिकेट एकेडमी में क्रिकेट की तैयारी के लिए प्रतिदिन जाता था। लेकिन ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर था। वह मंगलवार को क्रिकेट एकेडमी में नहीं गया था। घर पर भगवान के पुत्र लक्ष्य व पुत्री साक्षी व अक्षरा सहित महिलाए मौजूद थी। भीषण गर्मी के कारण ये सभी अपने मकान में लगे एसी में सो रहे थे। धमाके की आवाज सुनकर कमरे से बाहर निकले तो आग की लपटों ने उसको अपने साथ लपेट लिया। जिससे सभी बुरी तरह झुलस गए। जिसमें पुत्र लक्ष्य व पुत्री अक्षरा की मौत हो गई।

कहीं का न छोड़ा, उजड़ा परिवार

हादसे में झुलसे मनमोहन सिंह व भगवान सिंह चचेरे भाई है। दुकान के ऊपर ही मकान बना हुआ है। दुकान में मनमोहन व उसका पिता दाताराम, भगवान पुत्र लख्मीचंद काम कर रहे थे। हादसे में भगवान सिंह के आठ वर्षीय पुत्र लक्ष्य व 11 वर्षीय बेटी अफसरा की मौत हो गई। उसकी बेटी साक्षी भी आगजनी में झुलसी है।