Rajasthan: मासूम के सिर बंधी शहीद कांस्टेबल पिता की पगड़ी तो रो पड़ा हर कोई, 25KM लंबी तिरंगा यात्रा से दी अंतिम विदाई

Martyr Bheemaram Meghwal Honored: कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले कांस्टेबल भींवाराम को रविवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। नवलगढ़ पुलिस थाने से उनके पैतृक गांव भोड़की तक करीब 25 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। दोपहर बाद जैसे ही तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह गांव पहुंची, पूरे माहौल में कोहराम मच गया। पत्नी, बेटे, बेटियों और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। यह दृश्य देख वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

पुलिस की ओर से सलामी के बाद कांस्टेबल भींवाराम की अंतिम यात्रा शुरू हुई। मुक्तिधाम में पुलिस द्वारा फिर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। भींवाराम के पुत्र दीपक को एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने तिरंगा सौंपा। इस दौरान नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल, उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी, पूर्व विधायक रणवीर सिंह गुढ़ा, भाजपा जिला मंत्री वीरपाल सिंह, झुंझुनूं एसपी कावेंद्र सिंह सागर व एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत, सीकर एसपी प्रवीण नूनावत व एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह, नवलगढ़ वृत्ताधिकारी एएसपी महावीर सिंह शेखावत, नवलगढ़ सीआई अजय सिंह, गोठड़ा सीआई धर्मेंद्र मीणा, सिंघाना थानाधिकारी सीआई सुगन सिंह बिजारणिया, गुढ़ा थानाधिकारी सुरेश रोलन, उदयपुरवाटी थानाधिकारी रामपाल मीणा, भोड़की प्रशासक नेमीचंद जांगिड़, पूर्व सरपंच गणेश गुप्ता, टोडी के पूर्व सरपंच ख्यालीराम, भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष जयसिंह मांट, पूर्व जिला परिषद सदस्य राजीव गौरा सहित जिले के पुलिस अधिकारी, थानाधिकारी व बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे और कांस्टेबल भींवारामं को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

भींवाराम के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

कांस्टेबल भींवाराम की पार्थिव देह घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। उनकी पत्नी, बेटियों और बेटे को बेसुध होता देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इधर, झुंझुनूं एसपी, सीकर एसपी व नवलगढ़ विधायक ने कांस्टेबल भींवाराम को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए सरकार को पत्र भेजने की बात कही। साथ ही भींवाराम के परिवार को हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया।

अस्पताल के बेड से उठकर पहुंचे सीआई अजय सिंह

दुर्घटना में घायल नवलगढ़ थानाधिकारी सीआई अजय सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद सीकर रैफर किया गया था। सीकर के अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उनके हाथ के ऑपरेशन के लिए भर्ती कर लिया था। लेकिन भींवाराम के निधन की सूचना मिलते ही सीआई अजय सिंह खुद को रोक नहीं पाए। वह अस्पताल के बेड से उठकर नवलगढ़ थाने पहुंचे, जहां उन्होंने भींवाराम की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह भींवाराम के गांव भोड़की पहुंचे और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।