नागौर जिले की सड़कों के कई ‘धणी’, एक-दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी

नागौर. जिले से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्गों की 394 किलोमीटर लम्बी छह सडक़ों एवं राज्य राजमार्गों की 886 किमी लम्बी 21 सडक़ों के 12 ‘धणी’ (प्रभारी अधिकारी) हैं। इनमें से कोई जयपुर बैठता है तो कोई अजमेर, कोई सीकर तो कोई जोधपुर और बीकानेर, जो कभी कभार नागौर आते हैं, ऐसे में यहां की सडक़ों में बने एक-एक फीट गहरे गड्ढ़े उन्हें नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि स्थानीय वाहन चालक आए दिन उनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसका एक उदाहरण मूण्डवा चौराहा से अजमेर की ओर जाने वाली एनएच सडक़ है, जिसके प्रभारी अधिकारी अजमेर बैठते हैं, इसलिए चौराहा से 500 मीटर की दूरी में बने करीब एक दर्जन गड्ढ़े ज्यों के त्यों पड़े हैं, जबकि गत 30 अप्रेल को जिला सडक़ सुरक्षा समिति के सदस्य सचिव व पीडब्ल्यूडी के एसई बस्तीराम डिडेल ने गड्ढ़ों को भरने के निर्देश दिए थे। यही हाल जिले से गुजरने वाली अन्य सडक़ों के हैं। कहीं सडक़ किनारे पत्थरों व मलबे के ढेर लगे हुए हैं तो कहीं बबूल की झाडिय़ों सडक़ के ऊपर आ चुकी हैं, जो हादसे के सबब बन रहे हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कमरों में बैठकर ठंडी हवा खा रहे हैं।

गौरतलब है कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद नागौर जिले में सडक़ सुरक्षा को लेकर जिला कलक्टर के निर्देश पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) नागौर ने जिले सहित आसपास की सभी सडक़ निर्माण एजेंसियों और विभागों को तत्काल प्रभाव से जरूरी सुधार कार्य करने के निर्देश जारी थे। विशेष रूप से रिपोर्ट किए गए गड्ढ़ों की 48 घंटे के भीतर मरम्मत अनिवार्य रूप से करके अनुपालना रिपोर्ट भी मांगी थी, लेकिन शहर के अंदर ही गड्ढ़े नहीं भरे गए हैं।

नागौर की सडक़ें इनके अधीन

जिला सडक़ सुरक्षा समिति, नागौर के सदस्य सचिव ने परियोजना निदेशक एनएचएआई यूनिट अजमेर, परियोजना निदेशक एनएचएआई यूनिट जयपुर, परियोजना निदेशक आरएसएचए यूनिट जोधपुर, परियोजना निदेशक आरएसएचए यूनिट सीकर, परियोजना निदेशक आरएसएचए यूनिट अजमेर, अधिशासी अभियंता एनएच पीडब्ल्यूडी खंड नागौर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी खंड अजमेर, परियोजना निदेशक आरएसआरडीसी नागौर व अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी खंड नागौर, मेड़तासिटी, डेगाना व जायल को पत्र लिखकर सुधार करवाकर अनुपालना रिपोर्ट भेजने को कहा था। इसके बावजूद अधिकारियों ने सुध नहीं ली।

टोल वसूली में कमी नहीं

जिले की एनएच एवं एसएच सडक़ों पर टोल वसूली नियमित जारी है। जिले में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर टोल वसूली हो रही है, लेकिन सडक़ सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नहीं है।

वापस रिमांइडर भेजेंगे

कुछ अधिकारियों ने सडक़ों पर गड्ढ़े भरवाएं हैं, लेकिन कुछ अभी भी उदासीन है, जिन्हें सोमवार को वापस रिमांइडर भेजेंगे।

– बस्तीराम डिडेल, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी एवं सदस्य सचिव, जिला सडक़ सुरक्षा समिति, नागौर