CM Bhajan Lal Sharma : भारी-भरकम VIP काफिला छोड़ EV कार से सफर, राजस्थान के मुख्यमंत्री ने अचानक क्यों किया ऐसा? 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी सादगी और ‘आम आदमी’ छवि के लिए जाने जाते हैं। शुक्रवार को उन्होंने इसे एक कदम और आगे बढ़ाते हुए सबको चौंका दिया। आज जब पूरे देश और प्रदेश में ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर चर्चा हो रही है, तब मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से निकलने के लिए अपने पारंपरिक भारी-भरकम पेट्रोल-डीजल वाले काफिले के बजाय एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) को चुना।

एनर्जी कॉन्क्लेव में ‘ग्रीन’ एंट्री

मुख्यमंत्री को जयपुर के एक होटल में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। आमतौर पर मुख्यमंत्री का काफिला दर्जनों गाड़ियों और सुरक्षा घेरे के साथ निकलता है, लेकिन आज नजारा अलग था।

सीएम भजनलाल शर्मा ने अपनी नियमित गाड़ी को छोड़कर इलेक्ट्रिक कार की सीट संभाली, और वो भी वीआईपी की तरह पीछे की सीट पर बैठकर नहीं, बल्कि ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठकर। 

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के अनुरूप मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और सादगी की बात कही थी।

काफिले पर पहले ही चल चुकी है ‘कैंची’

प्रधानमंत्री श्री @narendramodi ने वैश्विक अनिश्चितता के दौर में देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए रखने के लिए 7 विशेष अपीलें की हैं।

इन अपीलों को मिशन मोड में लेते हुए भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अब धरातल पर अहम कदम उठा रहे हैं।

ईंधन की बचत और संसाधनों के सही उपयोग के लिए… pic.twitter.com/pVnNg5F2ir

— BJP (@BJP4India) May 14, 2026

यह कोई पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने फिजूलखर्ची रोकने की कोशिश की हो। पदभार संभालने के बाद से ही वे सादगी के हितेषी रहे हैं।

गाड़ियों की संख्या: सीएम पहले ही अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या को कम करने के निर्देश दे चुके हैं।

ट्रैफिक को राहत: उन्होंने सुरक्षा के नाम पर आम जनता को होने वाली ट्रैफिक की परेशानी को कम करने के भी आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री का नई दिल्ली दौरा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के अनुरूप

राजस्थान में ईंधन बचत को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी

जनप्रतिनिधि काफिलों में गाड़ियों की संख्या में लाएं कमी

वाहनों के उपयोग में मितव्ययिता बरतें अधिकारी

पेट्रोल-डीजल की खपत के मद्देनजर कार्यक्रमों… pic.twitter.com/uHqWHRRhHV

— सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान सरकार (@DIPRRajasthan) May 13, 2026

अधिकारियों को हिदायत: मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों से भी आह्वान किया है कि वे वाहनों के उपयोग में मितव्ययिता बरतें और सरकारी कार्यक्रमों में सादगी का ध्यान रखें।

पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का ‘मॉडल’

एनर्जी कॉन्क्लेव में पहुँचकर मुख्यमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ते तेल संकट और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए अब हमें इलेक्ट्रिक वाहनों और रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ना ही होगा। खुद उदाहरण पेश कर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘बचत’ की शुरुआत ऊपर से होनी चाहिए।

राजस्थान एनर्जी काॅन्क्लेव उद्घाटन समारोह | होटल मैरीयट, जयपुर | 15.05.2026@BhajanlalBjp@KumariDiya@DrPremBairwa@RajCMO@RajGovOfficial#DIPRRajasthan #Rajasthan #RajasthanNews #आपणो_अग्रणी_राजस्थानhttps://t.co/PArWY7XsWP

— सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान सरकार (@DIPRRajasthan) May 15, 2026

राजस्थान एनर्जी कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के तीव्र विकास, निवेश की अपार संभावनाओं और हरित ऊर्जा आधारित भविष्य के लिए राज्य सरकार के स्पष्ट विजन को साझा किया। साथ ही निवेशकों को राजस्थान में निवेश कर ऊर्जा क्षेत्र की नई संभावनाओं से… pic.twitter.com/PHffXc86Cz

— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) May 15, 2026

जनता के बीच चर्चा, ‘महंगाई पर मैसेज?

सोशल मीडिया पर लोग सीएम की इस पहल को पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से भी जोड़कर देख रहे हैं। जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने बिना बोले यह संदेश दे दिया है कि भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का ही है और सरकार संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: फिजूलखर्ची बंद हो

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अमले को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत को देखते हुए शासकीय कार्यक्रमों की संख्या में कटौती की जाए और जहाँ संभव हो, वहाँ वर्चुअल मीटिंग्स या कम संसाधनों का उपयोग किया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपने क्षेत्र में काफिले घटाने की अपील की है।