Nagaur: रिटायर्ड हेडमास्टर की अनूठी मिसाल, मुस्लिम परिवार ने मंदिर के लिए हाइवे तक 12 फीट चौड़ी निजी भूमि कर दी दान

Hindu-Muslim Unity Inspirational Story: नागौर जिले के बड़ीखाटू कस्बे में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की ऐसी मिसाल देखने को मिली है, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कस्बे की पहाड़ी पर स्थित चामुंडा माता एवं हुडा वाली माता मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक मुस्लिम परिवार ने अपनी निजी भूमि दान कर सामाजिक एकता का संदेश दिया है। इस पहल के बाद इलाके में गंगा-जमुनी तहजीब की चर्चा हो रही है और लोग इस कार्य को प्रेरणादायक बता रहे हैं।

निजी जमीन से सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने दिया 12 फीट चौड़ा रास्ता

जानकारी के अनुसार बड़ीखाटू निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक जमीर अहमद गैसावत ने मंदिर तक स्थाई मार्ग उपलब्ध कराने के लिए अपनी निजी जमीन से हाईवे तक करीब 12 फीट चौड़ा रास्ता देने का फैसला किया। लंबे समय से मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर नवरात्र और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती थी, लेकिन समुचित रास्ता नहीं होने के कारण आवागमन में दिक्कत होती थी।

चामुंडा माता सेवा समिति की ओर से मंदिर तक स्थाई मार्ग की मांग की गई थी। इसके बाद जमीर अहमद गैसावत ने बिना किसी भेदभाव के प्रेम, सद्भाव और सामाजिक भाईचारे का परिचय देते हुए अपनी भूमि का हिस्सा मंदिर मार्ग के लिए उपलब्ध करवा दिया। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है और सभी समुदायों के लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान समय में इस प्रकार की पहल समाज को एकजुट करने का काम करती है। धार्मिक सौहार्द की यह मिसाल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। लोगों ने कहा कि बड़ीखाटू क्षेत्र हमेशा से आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता रहा है और यह कदम उसी परंपरा को मजबूत करता है।

इस अवसर पर चामुंडा माता सेवा समिति और समाजसेवी छोटूराम रिणवा ने जमीर अहमद गैसावत का साफा पहनाकर सम्मान किया। कार्यक्रम में इफ्तिकार गैसावत, राधेश्याम सोनी, मुनीर अहमद, मेघराज, रूपनारायण, ओमप्रकाश, रणजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को समाज के लिए सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया और ताली बजाकर इस पहल की तारीफ भी की।