Western Disturbance Rain Alert: भीषण गर्मी से जूझ रहे राजस्थान में एक बार फिर से मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार पंद्रह मई से राजस्थान के कई इलाकों में तेज गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर भी प्रदेश के मौसम पर दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 15 मई से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे राजस्थान में आंधी, बारिश और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
कई जिलों में तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, अजमेर, सीकर, चूरू और श्रीगंगानगर समेत कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रह सकता है। तेज धूलभरी हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन दिनों प्रदेश में गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था, लेकिन अब बादलों की आवाजाही और हवाओं के असर से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पूरे राजस्थान में चालीस डिग्री से ज्यादा चल रहा पारा, बाड़मेर सबसे गर्म शहर
मौसम विभाग के अनुसार पूरे राजस्थान में वर्तमान में पारा 40 डिग्री या उससे ज्यादा चल रहा है। 12 मई को राजस्थान के बाड़मेर में पारा 48.3 डिग्री रहा जो देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा। इसके अलावा जैसलमेर, पिलानी, कोटा, चित्तौडगढ़, फलोदी समेत आधा दर्जन से ज्यादा शहरों का तापमान 44 डिग्री से ज्यादा और बाकि शहरों का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रहा। आज और कल राजस्थान के फलोदी, जोधपुर, बाड़मेर और बीकानेर में गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
किसानों और आमजन को सावधानी बरतने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बदलते मौसम का असर फसलों और बिजली व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने, बिजली लाइनों में बाधा और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि कटाई के बाद खेतों में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। 15 मई के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि यह राहत आंशिक बताई जा रही है।