राजसमंद झील में किया यह काम तो पेनल्टी या जेल की होगी सजा! नई पाबंदी 10 जुलाई तक लागू

राजसमंद झील में लगातार बढ़ रही लापरवाही और हाल ही में 2 व्यक्तियों की डूबने से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट बृजेश गुप्ता ने राजसमंद की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर झील क्षेत्र में साबुन, डिटर्जेंट एवं अन्य रासायनिक पदार्थों का उपयोग कर स्नान, कपड़े धोने तथा जल को प्रदूषित करने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

10 जुलाई 2026 तक पाबंदी लागू

उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट का यह आदेश 11 मई 2026 से 10 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। जारी आदेश में बताया गया है कि राजसमंद झील ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल होने के साथ-साथ इसके जल का उपयोग पेयजल के रूप में भी किया जाता है। झील क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक छतरियों और 9 चौकी पाल की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक माना गया है।

प्रशासन ने माना है कि वर्तमान परिस्थितियों में जनहानि, ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। मानसून के दौरान झील में हादसों की आशंका को लेकर प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाए जाते हैं। वहीं इस बार दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मानसून पूर्व ही सुरक्षा उपाय को लेकर आदेश जारी किए हैं।

अब झील में नहीं धो सकेंगे कपड़े

आदेश के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति राजसमंद झील क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक छतरियों, घाटों एवं आसपास के क्षेत्र में साबुन, डिटर्जेंट अथवा किसी अन्य रासायनिक पदार्थ का उपयोग कर स्नान या कपड़े नहीं धो सकेगा। साथ ही जल को प्रदूषित करने वाली किसी भी गतिविधि पर भी रोक रहेगी। स्नान करने वाले लोगों को केवल सीढ़ियों का उपयोग करने तथा बिना साबुन-डिटर्जेंट के स्नान करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन गतिविधियों पर रहेगी पूर्णत: रोक

इसके अलावा किसी भी व्यक्ति को ऐतिहासिक छतरियों एवं संरचनाओं पर चढ़ने, झील में कूदने, धरोहरों को नुकसान पहुंचाने अथवा संरक्षण में बाधा उत्पन्न करने वाली गतिविधियां करने की अनुमति नहीं होगी।

आदेश में पुलिस विभाग, नगरपरिषद राजसमंद एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश की पालना सुनिश्चित करें तथा आवश्यकता अनुसार चेतावनी बोर्ड एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत पाबंदी का उल्लंघन करते पाए जाने पर एक वर्ष तक कारावास या 5,000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।