Sewerage Treatment Plant In Rawatbhata: तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रावतभाटा के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। चांबला क्षेत्र में 0.5916 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को वन विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक द्वारा सोमवार को प्रिंसिपल मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
यह परियोजना शहर में लंबे समय से बनी सीवरेज समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके शुरू होने के बाद शहर में सीवरेज प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी हो सकेगा।
परियोजना के तहत अत्याधुनिक तकनीक से लैस ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जाएगा, जो बढ़ती आबादी और सीवरेज लोड को आसानी से संभाल सकेगा। इसे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में भी शहर को परेशानी का सामना न करना पड़े।
करीब 37 करोड़ 23 लाख रुपए की इस परियोजना के लिए दो वर्ष पूर्व ही स्वीकृति मिल चुकी थी। शहर के कई क्षेत्रों में सीवरेज लाइन डाली जा चुकी है, जबकि जिन वार्डों में अभी तक यह सुविधा नहीं पहुंची है, वहां भी जल्द नई लाइनें बिछाई जाएंगी।
83 लाख जमा कराने होंगे
अतिरिक्त जिला कलक्टर विनोद कुमार मल्होत्रा के अनुसार, इस परियोजना के तहत मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के जवाहर सागर अभयारण्य क्षेत्र के कोर गांवों के पुनर्वास के लिए नगर पालिका को 83 लाख रुपए जमा कराने होंगे। साथ ही, 14 शर्तों का पालन करते हुए हर वर्ष अनुपालना रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। विशेष बात यह है कि संरक्षित क्षेत्र से किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री का उपयोग नहीं किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे।
इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
इस परियोजना के तहत गणेश नगर, बालाजी नगर सहित कई क्षेत्रों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे गंदे पानी की निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा और शहर की स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
निविदा में पहले से प्रावधान
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर ने बताया कि आवश्यक राशि का प्रावधान पहले से ही निविदा में किया गया है और जल्द ही इसे जमा कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।