जयपुर में गोदाम में लगी भीषण आग: धूं-धूं कर जला लाखों का सामान, आसमान में छाया काला धुआं, मचा हड़कंप

जयपुर। राजधानी के सिरसी रोड स्थित कुंडा की ढाणी इलाके में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां स्थित कोकोपिट (नारियल के छिलके) के एक बड़े गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। कोकोपिट ज्वलनशील होने के कारण आग तेजी से पूरे गोदाम में फैल गई और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। सूचना मिलते ही झोटवाड़ा और बिंदायका फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

सुबह का वक्त और अचानक उठी आग की लपटें

घटना शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे की है। कुंडा की ढाणी में स्थित कोकोपिट गोदाम में अचानक धुआं निकलता देख आसपास के लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, लपटों ने गोदाम के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत अग्निशमन विभाग और पुलिस को इसकी सूचना दी।

दमकलों की कड़ी मशक्कत, शार्ट सर्किट की आशंका

आग की सूचना मिलते ही झोटवाड़ा और बिंदायका दमकल केंद्रों से गाड़ियां मौके पर रवाना हुईं। लपटों के बीच दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोकोपिट की गांठों के भीतर तक आग पहुंचने के कारण दमकलों को कई फेरे लगाने पड़े। प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण बिजली का शार्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच जारी हैं।

लाखों का सामान जलकर हुआ राख

गोदाम मालिक के अनुसार इस आगजनी में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। गोदाम में भारी मात्रा में नारियल के छिलके और उससे तैयार सामान (कोकोपिट ब्लॉक) रखा हुआ था, जो पूरी तरह जलकर राख हो गया है। कोकोपिट का उपयोग नर्सरी और बागवानी में मिट्टी के विकल्प के तौर पर किया जाता है, जो सूखने के बाद बेहद तेजी से आग पकड़ता है। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम की छत और दीवारों में भी दरारें आ गईं।

पुलिस पहुंची मौके पर, जांच जारी

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोदाम के आसपास के इलाके को खाली करवा दिया था। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, पुलिस अब गोदाम में सुरक्षा मानकों और आग बुझाने के यंत्रों की उपलब्धता की जांच कर रही है। वहीं आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रहीं है।