10 साल में सबसे गर्म अप्रेल: जैसलमेर-बाड़मेर बने एक्सट्रीम हीट जोन, 3-6 मई को आंधी-बारिश का अलर्ट

जैसलमेर: राजस्थान में इस वर्ष मौसम के मिजाज ने आमजन के साथ-साथ मौसम वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है। अप्रेल के महीने में ही प्रदेशभर में मौसम के दो बेहद विरोधाभासी रंग देखने को मिले।

एक तरफ जहां महीने की शुरुआत और मध्य में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण आंधी और हल्की बारिश ने तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट लाकर राहत दी। वहीं, दूसरी ओर अप्रेल के दूसरे और तीसरे सप्ताह से शुरू हुई भीषण गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।

जयपुर मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, बीते 10 वर्षों में इस बार का अप्रेल महीना सबसे गर्म दर्ज किया गया है। थार के रेगिस्तानी इलाकों में पारा अभी से ही 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिसके चलते आगामी महीनों में गर्मी के सारे पुराने रिकॉर्ड टूटने की आशंका जताई जा रही है।

मई की शुरुआत में राहत, लेकिन नौतपा में बरपेगा ‘आग’ का कहर

मौसम विभाग के अनुसार, मई के दूसरे सप्ताह तक प्रदेशवासियों को भीषण लू से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस दौरान जयपुर और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।

सक्रिय रहेगा पश्चिमी विक्षोभ

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, आगामी 4 से 5 दिनों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा और फिलहाल हीटवेव से राहत मिलेगी।

नौतपा में बढ़ेगा खतरा

राहत का यह दौर मई के तीसरे सप्ताह तक ही सीमित रहने की उम्मीद है। मई के आखिरी सप्ताह में नौतपा की शुरुआत होगी, जिसके बाद प्रदेश में सामान्य से अधिक और अत्यधिक तीव्र हीटवेव चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मई के अंत तक रेगिस्तानी इलाकों में पारा 47 डिग्री के पार जा सकता है।

जैसलमेर और बाड़मेर बने ‘एक्सट्रीम हीट जोन’

थार का मरुस्थल वर्तमान में पूरी तरह ‘फायर मोड’ पर है। सामान्यतः मई के अंत या जून में दर्ज होने वाला तापमान इस बार अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही जैसलमेर और बाड़मेर में दर्ज किया गया। जैसलमेर में पारा 46 डिग्री को पार कर चुका है, जिससे अब 35 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने की कगार पर है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यही ट्रेंड जारी रहा, तो इस बार दोनों जिलों में तापमान 50 डिग्री के नए मनोवैज्ञानिक स्तर को छू सकता है।

थार में बढ़ती गर्मी के पीछे के वैज्ञानिक कारण

आखिर समय से पहले थार मरुस्थल इतनी तेजी से क्यों तप रहा है? इसके पीछे जलवायु विश्लेषकों ने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और मानव-जनित कारण बताए हैं।

वायुमंडल में एंटी साइक्लोन बनने से गर्म हवाएं एक ही क्षेत्र में स्थिर हो जाती हैं और धरातल को लगातार तपाती हैं।

थार की महीन रेत सूर्य की विकिरण ऊर्जा को बहुत तेजी से अवशोषित करती है, जिससे सतही तापमान अचानक बढ़ जाता है।

हवा में शुष्कता अधिक होने और आसमान साफ रहने के कारण सूर्य की तीव्र किरणें बिना किसी बाधा के सीधे धरातल तक पहुंच रही हैं।

लगातार घटते जल स्रोत, वनों की कटाई और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण ‘अर्बन हीट आइलैंड’ का निर्माण हो रहा है।

कार्बन डाइऑक्साइड के बढ़ते उत्सर्जन ने स्थानीय मौसम चक्र को पूरी तरह से असंतुलित कर दिया है।

अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर भीषण असर

भीषण गर्मी के कारण पर्यटकों ने राजस्थान से दूरी बना ली है। होटल, टूरिस्ट गाइड और टैक्सी व्यवसाय पूरी तरह मंदी की चपेट में हैं।

दोपहर होते ही प्रदेश के अधिकांश शहरों के बाजारों में कर्फ्यू जैसी स्थिति बन जाती है। व्यापारिक गतिविधियां केवल सुबह और शाम तक सिमट गई हैं।

अस्पतालों में हीट स्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में 30% से अधिक का इजाफा हुआ है।

अत्यधिक तापमान के कारण खुले आसमान के नीचे होने वाले निर्माण कार्य या तो रोक दिए गए हैं या उनकी गति बेहद धीमी हो गई है।

एक्सपर्ट व्यू: बदलाव नहीं किया तो 50 डिग्री सामान्य हो जाएगा

जलवायु विश्लेषक डॉ. आर. के. मेहता के अनुसार, थार में एंटी साइक्लोन की सक्रियता और नमी की कमी ने तापमान के स्तर को असामान्य बना दिया है। दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर लगातार घट रहा है, जो पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। यदि हमने जल संरक्षण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और पारंपरिक पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों को नहीं अपनाया, तो आने वाले सालों में 48 से 50 डिग्री तापमान राजस्थान की सामान्य स्थिति बन जाएगा।

कितना रहा तापमान

बाड़मेर में 44.6 डिग्री सेल्सियस

बीकानेर में 44.2 डिग्री सेल्सियस

जैसलमेर में 43.5 डिग्री सेल्सियस

चूरू में 42.3 डिग्री सेल्सियस

चित्तौड़गढ़ में 42.8 डिग्री सेल्सियस

कोटा में 41.1 डिग्री सेल्सियस

जोधपुर में 42.6 डिग्री सेल्सियस

अजमेर में 41.1 डिग्री सेल्सियस

जयपुर में 40.0 डिग्री सेल्सियस

श्रीगंगानगर में 40.6 डिग्री सेल्सियस

सीकर में 39.7 डिग्री सेल्सियस