मोहित शर्मा.
Missing Person Found in Badrinath: जयपुर/बद्रीनाथ. उत्तराखंड के आस्था के पावन धाम बद्रीनाथ धाम से एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल सामने आई है। चमोली पुलिस ने पांच साल से लापता एक युवक को न केवल सुरक्षित बचाया, बल्कि आज उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर परिवार को फिर से एक कर दिया।
काउंसलिंग के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए
चमोली पुलिस उत्तराखंड के ऑफिशियल एक्स हैण्डल से मिली जानकारी के अनुसार, बीते दिनों बद्रीनाथ पुलिस को सूचना मिली थी कि माणा गांव के ऊपर खतरनाक पहाड़ी रास्तों की ओर एक विक्षिप्त अवस्था में युवक बढ़ रहा है। संभावित अनहोनी को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित थाने लाया। युवक अपनी पहचान स्पष्ट नहीं बता पा रहा था, लेकिन पुलिस और अभिसूचना इकाई ने धैर्यपूर्वक बातचीत और काउंसलिंग के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिनमें ‘राजस्थान’ का उल्लेख सामने आया। राजस्थान में नाथद्वारा के कांकरोली के बिनौल गांव के शंकर को आखिर पुलिस ने उसके परिजनों से मिलवा ही दिया।
परिवार ने छोड़ दी थी उम्मीद
इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए युवक के परिजनों का पता लगा लिया। सूचना मिलने पर परिजन आज बद्रीनाथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा करीब पांच साल पहले घर से लापता हो गया था और उन्होंने उसके जीवित होने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। शंकर के पिता ने बताया कि उनके पास राजसमंद जिले के कुवांरिया थाने से फोन आया कि उनका बेटा बद्रीनाथ में पुलिस के पास है। उन्होंने बताया कि शंकर की मानसिक हालत ठीक नहीं है, वह पांच साल पहले बिना बताए घर से निकल गया था।
पुलिसकर्मियों ने उसे नहलाया-धुलाया और हुलिया संवारा
Human Face of Police
परिजनों के आने तक बद्रीनाथ पुलिस ने युवक की पूरी देखभाल की। पुलिसकर्मियों ने उसे नहलाया-धुलाया, बाल और दाढ़ी कटवाकर उसका हुलिया संवारा तथा अपने निजी खर्च से नए कपड़े उपलब्ध कराए। साथ ही उसका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।
पुुलिस टीम ने कराए बद्री विशाल के दर्शन
नई जिंदगी की शुरुआत के प्रतीक के रूप में पुलिस टीम युवक को बद्री विशाल के दर्शन कराने भी लेकर गई।
माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलके
जब परिजन बद्रीनाथ पहुंचे तो माहौल भावुक हो उठा। पांच साल बाद बेटे को जीवित देख माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
घर लौटने की व्यवस्था भी पुलिस ने की
आर्थिक रूप से कमजोर परिजनों ने बताया कि वे यहां आने के लिए भी उधार लेकर पहुंचे थे और उनके पास वापस लौटने के लिए पर्याप्त धन नहीं था। परिजनों की इस स्थिति को देखते हुए थानाध्यक्ष बद्रीनाथ नवनीत भंडारी और उनकी टीम ने आपसी सहयोग और ट्रस्ट की मदद से धनराशि एकत्रित की तथा परिवार के सुरक्षित वापस राजस्थान लौटने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की।
उत्तराखंड पुलिस का आभार जताया
भावुक परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए “बद्री विशाल ने पुलिस के रूप में साक्षात दर्शन दिए हैं।” यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि खाकी वर्दी केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता और सेवा का भी सशक्त प्रतीक है।