Zinc Park: राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट-2024 के तहत किए गए समझौते अब धरातल पर उतरने लगे हैं। इसी क्रम में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के कांखला क्षेत्र में एक मेगा जिंक पार्क विकसित करने की योजना को गति मिली है। यह पार्क राज्य के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
समिट के दौरान वेदांता समूह ने राज्य में जिंक एवं तेल उत्पादन क्षेत्र में करीब एक लाख करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता जताई थी। साथ ही, आगामी दो से तीन वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और लगभग एक लाख अतिरिक्त रोजगार सृजित करने का लक्ष्य भी रखा गया था।
राज्य सरकार, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) के बीच कई दौर की बैठकों के बाद कांखला में करीब 111 एकड़ भूमि पर जिंक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया है। इस परियोजना के तहत रीको द्वारा मास्टर प्लानिंग के साथ-साथ सड़क, जल और बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड इस पार्क में 5 से 7 एकड़ क्षेत्र में अपना प्लांट और कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करेगी। इसके अलावा, वेदांता समूह जिंक उद्योग से जुड़ी विभिन्न कंपनियों को इस पार्क में लाने के प्रयास कर रहा है। शुरुआती चरण में जिंक वैल्यू चेन से जुड़ी 5 से 6 कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है।
प्रारंभिक चरण में लगभग 66 एकड़ भूमि पर निवेश प्रस्ताव दिए गए हैं। रीको द्वारा 1000 वर्गमीटर से लेकर 80,000 वर्गमीटर तक के विभिन्न आकार के भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिससे छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों को यहां निवेश करने का अवसर मिलेगा।
मेगा जिंक पार्क (कांखला, भीलवाड़ा)
क्रम संख्याविषयविवरण1परियोजना का नाममेगा जिंक पार्क2स्थानकांखला, भीलवाड़ा (राजस्थान)3विकसित करने वाली संस्थाRIICO (रीको)4प्रमुख कंपनीहिंदुस्तान जिंक लिमिटेड5निवेशक समूहवेदांता ग्रुप6कुल प्रस्तावित भूमिलगभग 111 एकड़7प्रारंभिक चरण66 एकड़ में विकास कार्य8कुल निवेशलगभग 1 लाख करोड़ रुपये9संभावित रोजगारलगभग 1 लाख अवसर10रुचि दिखाने वाली कंपनियां5 से 6 कंपनियां11प्लॉट साइज1000 से 80,000 वर्गमीटर12सुविधाएंसड़क, पानी, बिजली13विशेषताउत्तर भारत का पहला जिंक वैल्यू चेन पार्क
यह जिंक पार्क उत्तरी भारत में अपनी तरह का पहला विशेषीकृत औद्योगिक पार्क होगा, जहां केवल जिंक वैल्यू चेन से जुड़ी कंपनियां स्थापित होंगी। इससे न केवल राजस्थान के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।