Story of Success: मशरूम खेती से बदली किस्मत, झुंझुनूं के 21 साल के युवक की कहानी कर देगी प्रेरित

Successful Startup Idea: जहां अधिकांश युवा रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करते हैं, वहीं झुंझुनूं जिले की कालेरी की ढाणी (लालपुर) के 21 वर्षीय युवक ने गांव में रहकर ही स्वरोजगार की राह चुनी और मशरूम खेती से सफलता की नई कहानी लिख दी। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने मेहनत और समझदारी से ऐसा काम शुरू किया, जो आज अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।

रामजीलाल सैनी के पुत्र संदीप कुमार ने कॉलेज शिक्षा के बाद नौकरी की बजाय खुद का स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया। बाजार में पौष्टिक खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए उसने मशरूम उत्पादन को अपनाया, जो उसके जीवन का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

सीखने की ललक से मिली सफलता

शुरुआत से पहले संदीप ने इंटरनेट के जरिए जानकारी जुटाई और व्यावहारिक अनुभव के लिए नोएडा, हरियाणा व उत्तर प्रदेश के मशरूम फार्म पर प्रशिक्षण लिया। वहां उसने कम्पोस्ट तैयार करने, तापमान व नमी नियंत्रण, रोग प्रबंधन और पैकेजिंग की तकनीक सीखी।

छोटे स्तर से शुरू, आज बड़ा कारोबार

वर्ष 2023 के अंत में उसने केवल 20 बैग से शुरुआत की। सफलता मिलने पर धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 100 और फिर 600 बैग तक पहुंचा दिया। संदीप ने बताया कि मशरूम खेती में तापमान और नमी का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। करीब 15 दिन में फसल तैयार हो जाती है। ताजा मशरूम को बाजार में बेचा जाता है, जबकि बचा हुआ उत्पादन सुखाकर पाउडर व अन्य उत्पादों में उपयोग किया जाता है।

दोगुनी आय

मशरूम को ताजा, ड्राई, पाउडर और अचार के रूप में तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा है। ताजा मशरूम 250-300 रुपए प्रति किलो, ड्राई मशरूम 500-1000 रुपए और पाउडर करीब 3000 रुपए प्रति किलो तक बिकता है। एक सीजन में करीब एक लाख रुपए की लागत पर दो लाख रुपए तक की आय हो रही है। अधिक उत्पादन होने पर इसे सुखाकर गुजरात, पुणे सहित अन्य बाजारों में भेजा जाता है।

अब बने युवाओं के लिए प्रेरणा

संदीप का कहना है कि शुरुआत में लोगों ने ताने दिए, लेकिन आज वही लोग उनकी सफलता की सराहना कर रहे हैं। वे अन्य युवाओं को भी मशरूम खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मशरूम पोषण से भरपूर होता है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन बी व डी और आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। कम वसा और कम कैलोरी होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।