MGNREGA Workers Time Change: झालावाड़ के सुनेल जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्यरत श्रमिकों को बड़ी राहत दी है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार अब मनरेगा कार्यों का समय प्रात: 6 से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया है। इस दौरान कोई विश्राम काल नहीं रहेगा।
यह आदेश शासन सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (मनरेगा अनुभाग-3), जयपुर के निर्देशों की पालना में जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गर्मी के मौसम में श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि उन्हें दोपहर की तेज धूप और लू से बचाय जा सके।
टास्क पूरा होने पर पहले भी जा सकेंगे
आदेश के अनुसार यदि कोई श्रमिक समूह निर्धारित समय से पहले अपने तय टास्क को पूरा कर लेता है, तो वह कार्य की माप मेट के पास उपलब्ध मस्टररोल में अंकित टास्क प्रपत्र में दर्ज करवाने के बाद और समूह के मुखिया के इस्ताक्षर के उपरांत कार्य स्थल छोड़ सकता है।
अधिकारियों को सख्त पालन के निर्देश
इस संबंध में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद्, अधिशाषी अभियंता, विकास अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं अन्य लाइन विभागों को निर्देशित किया है कि आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें।
श्रमिकों के हित में अहम फैसला
भीषण गर्मी को देखते हुए यह निर्णय श्रमिकों के हित में लिया है। इससे श्रमिकों को राहत मिलेगी और कार्य क्षमता भी प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा है।
राजेंद्र निमेष, अधिशाषी अभियंता, महानरेगा, जिला परिषद झालावाड़
रेसटा ने की 30 जून तक अवकाश और 11 बजे छुट्टी की मांग
राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए शिक्षक संघ रेसटा ने गर्मियों की छुट्टियों को 30 जून तक बढ़ाने की मांग की है। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष गजराज सिंह मोठपुर ने प्री-प्राइमरी से आठवीं कक्षा तक के सभी छात्रों की छुट्टी शुक्रवार से ही सुबह 11 बजे करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह कदम बच्चों को दोपहर की तपिश और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों से बचाएगा। राजस्थान के कई जिलों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
शिक्षा विभाग में ग्रीष्मावकाश बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार बुधवार को शासन सचिवालय में इस संवेदनशील मुद्दे पर महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। यदि इन मांगों को स्वीकार किया जाता है, तो लाखों छात्रों और शिक्षकों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
रेसटा ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों की चिंताजनक स्थिति पर भी प्रकाश डाला। जिसमें 70,155 सरकारी स्कूलों के बावजूद कमजोर शिक्षा व्यवस्था, 1.25 लाख से अधिक खाली शिक्षक पद, पिछले दो वर्षों में 800 से अधिक स्कूलों का विलय या बंद होना और हजारों स्कूलों का बिना शिक्षकों के चलना शामिल है। संघ ने शिक्षा विभाग से गर्मी से राहत के साथ-साथ इन खाली पदों को भरने और स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए भी तत्काल कदम उठाने की अपील की है।