अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासन का ग्रामीणों ने किया साथ, विधायक को मोहलत मांगने पर लौटना पड़ा बैरंग

विकास कार्यों में बाधा बने अतिक्रमणों के खिलाफ मुंडावर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बीजवाड़ चौहान गाँव में स्टेट हाईवे निर्माण के लिए रास्ते में आ रहे अवैध कब्जों को प्रशासन ने भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जमींदोज कर दिया। इस दौरान सबसे बड़ी बात यह रही कि अतिक्रमण बचाने के लिए पहुँचे स्थानीय विधायक ललित यादव को ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण बैरंग लौटना पड़ा।

स्टेट हाईवे निर्माण में आ रही थी बाधा

उलाहेड़ी बस स्टैंड से हरियाणा बॉर्डर दादिया तक बनने वाले इस स्टेट हाईवे के लिए केंद्रीय सड़क निधि से 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। इस सड़क के चौड़ीकरण के रास्ते में करीब चार दर्जन मकान बाधा बन रहे थे। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से चिन्हित किए गए इन अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया पिछले चार महीनों से जारी थी। ग्राम पंचायत की ओर से तीन बार नोटिस जारी किए जाने के बाद, जनवरी में ही अधिकांश लोगों ने स्वेच्छा से अपने कब्जे हटा लिए थे, लेकिन करीब एक दर्जन बड़े अतिक्रमी डटे हुए थे।

विधायक की मोहलत पर भड़के ग्रामीण

गुरुवार दोपहर करीब 1:00 बजे तहसीलदार नवीन कटारिया की देखरेख में पुलिस और प्रशासन का दस्ता दो जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुँचा और कार्रवाई शुरू की। दोपहर 2:00 बजे विधायक ललित यादव मौके पर पहुँचे और उन्होंने प्रशासन से बड़े अतिक्रमणकारियों को राहत देते हुए उन्हें अपना अतिक्रमण हटाने के लिए 5 दिन की मोहलत देने की मांग की।

विधायक का यह प्रस्ताव मौके पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों को नागवार गुजरा। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में विरोध जताते हुए कहा कि जब 45 लोगों ने अपने निर्माण हटा लिए हैं, तो कुछ चुनिंदा लोगों के लिए सड़क निर्माण जैसे बड़े जनहित के कार्य को लटकाया जाना कतई उचित नहीं है। ग्रामीणों के सख्त तेवर और विरोध को देखते हुए विधायक को बिना किसी सफलता के वापस लौटना पड़ा।

भारी पुलिस जाब्ता रहा तैनात

शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी। इस दौरान तहसीलदार नवीन कटारिया, किशनगढ़ बास के डीएसपी विक्रम सिंह यादव, मुंडावर थाना प्रभारी मोहर सिंह मीणा, तातारपुर थाना प्रभारी महावीर सिंह शेखावत के साथ-साथ खैरथल-किशनगढ़ और कोटकासिम थाने का जाब्ता व आरएसी की टुकड़ियाँ तैनात रहीं। ग्रामीणों के सहयोग से प्रशासन ने निर्धारित समय में अतिक्रमण हटाकर सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया।