Driving Licence News: जोधपुर। परिवहन विभाग (आरटीओ) ने आम लोगों को राहत देने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। अब आरटीओ कार्यालयों में सूचना सहायकों (आइए) की सीधी दखलअंदाजी खत्म की जाएगी, जिससे लाइसेंस, परमिट और रजिस्ट्रेशन से जुड़े काम अधिक सरल और सुगम हो सकेंगे।
इस कदम से बिचौलिया संस्कृति पर लगाम लगने और प्रक्रिया में साफ-सफाई आने की उम्मीद है। नए आदेशों के तहत सूचना सहायकों को पब्लिक डीलिंग से दूर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब वे सीधे तौर पर लाइसेंस, परमिट और वाहन रजिस्ट्रेशन जैसे कार्यों में हस्तक्षेप नहीं कर सकेंगे।
आरटीओ प्रशासन के अनुसार, यह कदम आम नागरिकों को होने वाली असुविधाओं को कम करने और कार्यों में अनावश्यक देरी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी कि सूचना सहायकों की दखलअंदाजी के कारण प्रक्रिया जटिल हो रही थी और पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे थे।
अधिकृत अधिकारी ही करेंगे महत्वपूर्ण कार्य
अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) एवं संयुक्त शासन सचिव ओमप्रकाश बुनकर की ओर से नए निर्देशों के तहत अब सभी महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित काउंटरों और अधिकृत अधिकारियों के माध्यम से ही किए जाएंगे।
सूचना सहायकों की भूमिका केवल मार्गदर्शन और जानकारी देने तक सीमित रहेगी। इससे आम लोगों को सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क करने का अवसर मिलेगा और कार्यों में स्पष्टता आएगी।
डिजिटल प्रक्रिया को मिलेगा बढ़ावा
इस बदलाव से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा और कार्यों की गति तेज होगी। साथ ही, डिजिटल प्रक्रिया को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यालय के आदेशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीआर जाट, आरटीओ, जोधपुर