खबर ज़रा हटके : रात 2 बजे हनुमान बेनीवाल की ‘ग्रैंड एंट्री’, समर्थकों का उमड़ पड़ा हुजूम, जानें आखिर क्या था माजरा?

राजस्थान की राजनीति में अगर किसी नेता का ‘क्रेज’ समय और सीमा का मोहताज नहीं है, तो वो हैं रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल। मंगलवार-बुधवार दरम्यानी आधी रात के बाद सीकर जिले के भारणी गाँव में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने वीवीआईपी शादियों के तमाम प्रोटोकॉल पीछे छोड़ दिए। मौका था राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा की सुपुत्री अर्चना के विवाह समारोह का।

जब रात 2 बजे गूंजा ‘जय वीर तेजाजी’ का नारा

मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निवास पर आयोजित इस शादी में देश-प्रदेश के कई दिग्गज शामिल हुए, लेकिन रात करीब 2 बजे जब हनुमान बेनीवाल का काफिला भारणी पहुँचा, तो माहौल पूरी तरह बदल गया।

दीवानगी का आलम: सीकर से लेकर श्रीमाधोपुर तक सैंकड़ों जगह स्वागत सत्कार के कारण बेनीवाल को पहुँचने में देरी हुई, लेकिन उनके इंतजार में खड़े समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ।

वायरल वीडियो: बेनीवाल की एंट्री के वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। उनके पहुँचते ही युवाओं में जो जोश दिखा, उसने उनके मजबूत जनाधार की एक बार फिर पुष्टि कर दी।

हनुमान बेनीवाल की एंट्री का ये वीडियो वायरल

कल रात्रि में सीकर जिले के लोसल व खुड़ में स्थानीय नागरिकों व @RLPINDIAorg परिवार के सदस्यों ने स्वागत किया | pic.twitter.com/pVFJoqVppn

— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) April 22, 2026

सत्ता और विपक्ष का अनूठा संगम

यह विवाह समारोह राजस्थान की सियासत के कई बड़े चेहरों के मिलन का गवाह बना।

वर-वधू को आशीर्वाद: हनुमान बेनीवाल ने नवविवाहित जोड़े अर्चना और अनुज (भाजपा विधायक कुलदीप धनखड़ के पुत्र) को आशीर्वाद दिया और मंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार को बधाई दी।

मंत्री खर्रा के साथ तस्वीर खिंचवाते सांसद

मुख्यमंत्री की मौजूदगी: इससे पहले, विधायक कुलदीप धनखड़ के पुत्र अनुज के तिलक समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी भांकरी गाँव पहुँचे थे। एक ही पांडाल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के दिग्गजों की मौजूदगी ने राजस्थान की स्वस्थ राजनीतिक परंपरा की झलक पेश की।

तिलक समारोह में CM भजनलाल शर्मा

मंत्री खर्रा की सादगी: ‘सार्वजनिक आमंत्रण’ की चर्चा

शादी के साथ-साथ मंत्री झाबर सिंह खर्रा की सादगी भी चर्चा का विषय बनी रही। व्यस्तता के कारण जिन शुभचिंतकों को कार्ड नहीं पहुँच पाया, उनके लिए मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक भावुक ‘सार्वजनिक आमंत्रण’ जारी किया था। उन्होंने लिखा था— “यदि औपचारिक निमंत्रण आप तक न पहुंच पाया हो, तो कृपया इस संदेश को ही मेरा व्यक्तिगत निमंत्रण स्वीकार करें।” उनके इस व्यवहार की भी हर तरफ सराहना हो रही है।

राम राम सा!
मेरी सुपुत्री अर्चना के मंगल परिणयोत्सव की मधुर बेला पर खर्रा परिवार की खुशियों में कल, दिनांक 21 अप्रैल 2026 को आप सादर आमंत्रित हैं।

यद्यपि हमारा सतत प्रयास रहा कि प्रत्येक स्नेहीजन तक निमंत्रण ससम्मान पहुंच सके, फिर भी यदि व्यस्तता के कारण औपचारिक निमंत्रण आप तक… pic.twitter.com/meKlQCccYe

— Jhabar Singh Kharra (@officialkharra) April 20, 2026

राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज

हनुमान बेनीवाल का देर रात मंत्री के घर पहुँचना और वहां मिला अभूतपूर्व स्वागत, राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी शोध का विषय है। भले ही बेनीवाल सरकार की नीतियों के प्रखर विरोधी रहे हों, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों के निर्वहन में उनकी सक्रियता उन्हें अन्य नेताओं से अलग खड़ा करती है।