तपते अप्रेल में पोकरण जल संकट गहराया, ग्रामीण क्षेत्रों में हालात चिंताजनक

मरुस्थली क्षेत्र पोकरण में अप्रेल की बढ़ती गर्मी के साथ पेयजल संकट गहराने लगा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के बीच गांवों और ढाणियों में पानी की मांग बढ़ रही है, लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था संतुलन नहीं बना पा रही है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ता अंतर हालात को चिंताजनक बना रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी भणियाणा और फलसूंड क्षेत्र के गांवों में पेयजल संकट की स्थिति उभरने लगी है। स्थायी समाधान के अभाव में समस्या लगातार बनी हुई है।

नहरबंदी, बिजली बाधा और आंधियों से जलापूर्ति व्यवस्था बार-बार प्रभावित

गर्मी की शुरुआत के बावजूद जमीनी स्तर पर ठोस तैयारी नजर नहीं आ रही है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। पोकरण कस्बे सहित करीब 200 गांवों में इंदिरा गांधी नहर से जलापूर्ति होती है, जबकि कई ढाणियां नलकूपों पर निर्भर हैं। गर्मी में बिजली का भार बढ़ने, नहरबंदी और तेज आंधियों के कारण विद्युत तंत्र प्रभावित होता है, जिससे जलापूर्ति बाधित हो जाती है। कई स्थानों पर दिनों तक पानी नहीं पहुंचने से संकट गहराता है।

जल जीवन मिशन धीमा, कागजों में प्रगति अधिक, धरातल पर स्थिति कमजोर

जल जीवन मिशन की गति भी अपेक्षित नहीं है। कागजों में कार्य प्रगति 70 से 80 प्रतिशत बताई जा रही है, जबकि वास्तविक जलापूर्ति 30 प्रतिशत तक सीमित है। ऐसे में गर्मी के चरम पर हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि महीनों से जलापूर्ति बाधित है और टैंकरों से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा।

जिम्मेदार बोले -135 नलकूपों से कर रहे जलापूर्ति

अधिशासी अभियंता रामनिवास रैगर ने बताया कि क्षेत्र में 135 नलकूपों से जलापूर्ति जारी है और खराब हैंडपंपों को दुरुस्त किया जा चुका है। टैंकर आपूर्ति के लिए ठेकेदारों को पाबंद किया गया है और किसी भी सूचना पर तत्काल पानी पहुंचाने के निर्देश हैं। गर्मी में पेयजल संकट नहीं होने देने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की 6वीं किस्तआज होगी हस्तांतरित

राज्य सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र कृषकों को 6वीं किस्त हस्तांतरित की जाएगी। उक्त सहायता राशि प्रतिवर्ष 3000 रुपये की होती है, जो तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में 1000 रुपए प्रति किस्त के रूप में प्रदान की जाती है। स्टेट नोडल ऑफिसर -पीएम किसान एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार, योजना की छठी किस्त का राज्य स्तरीय हस्तांतरण कार्यक्रम बुधवार को ओसिया, जोधपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल प्रदेश के लाखों किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1000 रुपये की राशि हस्तांतरित करेंगे। आयोजन को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए राज्य स्तरीय समारोह के साथ-साथ सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।