Jaipur Terror Link: लश्कर आतंकी खरगोश ने जयपुर में की शादी, फर्जी पासपोर्ट से भागा विदेश; ऐसे हुआ खुलासा

जयपुर। जयपुर का नाम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क की जांच में सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ के तार जयपुर से जुड़ने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस आतंकी ने कुछ साल पहले जयपुर में शादी कर स्थानीय पहचान हासिल की और उसी आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर देश से फरार हो गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, उमर हारिस 2012 के आसपास पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर सक्रिय हुआ था। लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों से बचते हुए उसने घाटी में अपनी जड़ें मजबूत कीं। उसकी फुर्ती और लगातार ठिकाना बदलने की आदत के चलते उसे खरगोश कोडनेम दिया गया था।

श्रीनगर पुलिस की कार्रवाई में खुला राज

पूरा मामला तब सामने आया जब श्रीनगर पुलिस ने लश्कर के एक अंतरराज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इनमें पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब भी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक फैला हुआ था। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों ने आतंकियों को आधार, पैन और वोटर आईडी जैसे फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद की। इसी नेटवर्क के जरिए उमर हारिस को भी पासपोर्ट हासिल हुआ था।

जयपुर में शादी बना भागने का जरिया

सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर में सक्रिय रहने के दौरान उसने एक ओवर ग्राउंड वर्कर के परिवार से संपर्क किया और बाद में जयपुर आकर उसकी बेटी से शादी कर ली। इस शादी के जरिए उसे स्थानीय दस्तावेज जुटाने में मदद मिली। इन्हीं कागजों के आधार पर उसने सज्जाद नाम से फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाया और भारत से बाहर निकलने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि वह पहले इंडोनेशिया पहुंचा और वहां से एक और फर्जी पहचान बनाकर खाड़ी देशों की ओर निकल गया। वर्तमान में उसके सऊदी अरब में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

परिवार की भूमिका भी जांच के घेरे में

एजेंसियों को शक है कि जिस परिवार में आतंकी ने शादी की, उसे उसकी असली पहचान की जानकारी थी। इस आधार पर दुल्हन के पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जल्द ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जयपुर कनेक्शन सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। यह मामला न सिर्फ दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में बड़ी चूक को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आतंकी नेटवर्क किस तरह आम जिंदगी में घुल-मिलकर अपनी पहचान छिपाने में कामयाब हो जाते हैं।

किस तरह से हुआ फरार

-जयपुर में शादी कर बनाई स्थानीय पहचान।
-फर्जी पासपोर्ट से 2024 में देश से फरार।
-इंडोनेशिया होते हुए खाड़ी देशों में पहुंचा।
-श्रीनगर पुलिस ने मॉड्यूल का किया भंडाफोड़।
-नेटवर्क के तार राजस्थान-हरियाणा-पंजाब तक फैले।