जोधपुर। शहर के नई सड़क, घंटाघर, त्रिपोलिया और घासमंडी में जाम की समस्या से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। यहां बनने वाली संभाग की पहली मल्टीलेवल पार्किंग का काम तय समय से काफी पीछे चल रहा है, जिसके चलते अब इसके दीपावली से पहले शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्किंग शुरू नहीं होने से इन प्रमुख बाजारों में आने-जाने वाले वाहन सड़कों पर ही खड़े हो रहे हैं। नतीजतन यातायात लगातार बाधित हो रहा है और आमजन को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक साल का काम, दो साल बाद भी अधूरा
इस परियोजना का वर्क ऑर्डर वर्ष 2023 में जारी हुआ था और इसे एक साल में पूरा किया जाना था, लेकिन शुरुआत में ही 7-8 महीने की देरी ने पूरी समय-सीमा को बिगाड़ दिया। अब दो साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी काम अधूरा है। जेडीए अधिकारियों के अनुसार, परियोजना शुरू होने से पहले डिजाइन में यातायात दबाव के अनुरूप बदलाव किए गए। इसके अलावा यातायात शाखा को दूसरी जगह शिफ्ट करने की अनुमति मिलने में भी देरी हुई। वहीं, साइट पर मौजूद पेड़ों को हटाने और शिफ्ट करने की प्रक्रिया में भी समय लग गया, जिससे काम प्रभावित हुआ।
27 करोड़ से अधिक खर्च
जेडीए की ओर से इस मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण फिलहाल धीमी रफ्तार में है। इस पर करीब 27.64 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। भूतल सहित तीन मंजिला इस पार्किंग का करीब 85-90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आरसीसी ढांचा तैयार है, जबकि अब फ्लोरिंग और लाइटिंग जैसे अंतिम कार्य जारी हैं। इस पार्किंग को जोधपुरी स्थापत्य शैली देने के लिए पत्थर की जालियां लगाई जा रही हैं। करीब 15,850 वर्गमीटर क्षेत्र में बन रही इस सुविधा में 450 चारपहिया, 196 दोपहिया और करीब 100 व्यावसायिक वाहनों के लिए जगह निर्धारित की गई है।
इंतजार अभी बाकी
पार्किंग शुरू होने के बाद भीतरी शहर में आने वाले वाहन सीधे यहां खड़े हो सकेंगे, जिससे सड़कों पर दबाव कम होगा। हालांकि मौजूदा हालात में लोगों को अभी कुछ और महीनों तक जाम से जूझना पड़ेगा। दीपावली तक राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल शहर की धड़कन कहे जाने वाले इन बाजारों में ट्रैफिक का बोझ यूं ही बना रहेगा।
मल्टीलेवल पार्किंग शहर के मुख्य प्रोजेक्ट्स में से है। ऐसे में सितंबर तक इसको तैयार कर दिया जाएगा। जिससे शहर में लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके। अभी करीब करीब पूरा काम हो चुका है, बचे हुआ काम को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
उत्साह चौधरी, आयुक्त जेडीए