राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा शनिवार को जारी किए गए आरएएस 2024 के परिणामों ने प्रदेश को कई नए चमकते सितारे दिए हैं। इनमें सबसे प्रेरणादायक नाम उभरकर आया है डॉ. ऐश्वर्या कंवर का। बीकानेर जिले की नोखा तहसील के एक छोटे से गाँव मोरखाना की रहने वाली डॉ. ऐश्वर्या ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर टॉप-10 की सूची में जगह बनाई है। उन्होंने मेरिट लिस्ट में 6ठा स्थान (Rank 6) हासिल किया है, जो महिला अभ्यर्थियों की श्रेणी में पूरे राजस्थान में प्रथम है।
महिलाओं में नंबर-1, टॉप-5 के बाद ऐश्वर्या का जलवा
आरएएस 2024 के परीक्षा परिणाम में शीर्ष 5 स्थानों पर पुरुष उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया, लेकिन उसके तुरंत बाद छठी रैंक पर डॉ. ऐश्वर्या कंवर ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर महिला शक्ति का लोहा मनवाया। डॉ. ऐश्वर्या की यह सफलता उन सभी कामकाजी महिलाओं के लिए एक मिसाल है जो अपने करियर के साथ बड़े सपनों को हकीकत में बदलना चाहती हैं।
Dr Aishwarya Kanwar’s Result
पिछली बार 145वीं रैंक, इस बार सीधे टॉप-10 में एंट्री
डॉ. ऐश्वर्या के लिए यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। यह उनके निरंतर सुधार और अटूट धैर्य का परिणाम है।
RAS 2023: पिछली परीक्षा में ऐश्वर्या ने 145वीं रैंक हासिल की थी।
RAS 2024: उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों को दूर करते हुए इस बार ‘लंबी छलांग’ लगाई और प्रदेश के टॉप-6 में शामिल होकर सबको चौंका दिया।
Dr Aishwarya Kanwar
एयरफोर्स रिटायर्ड सार्जेंट की ‘लाड़ली‘
ऐश्वर्या की सफलता के पीछे उनके परिवार का मजबूत समर्थन रहा है। उनके पिता ओंकार सिंह भाटी भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) से रिटायर्ड सार्जेंट हैं और वर्तमान में शिक्षा निदेशालय बीकानेर में अनुसंधान अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। माँ चांद कंवर ने भी ऐश्वर्या के सपनों को हमेशा उड़ान दी।
परिणाम से घर में खुशियों का माहौल
ऐश्वर्या ने अपनी एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई बीकानेर मेडिकल कॉलेज से की और वर्तमान में वे कोलायत ब्लॉक के हदा सीएचसी (CHC) में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर जनता की सेवा कर रही हैं।
सफलता के मूल मंत्र: ‘सेवा का दायरा बढ़ाना था लक्ष्य’
पत्रिका से खास बातचीत के दौरान डॉ. ऐश्वर्या ने अपनी सफलता के राज साझा किए:
बचपन का सपना: 11वीं-12वीं कक्षा से ही मन में प्रशासनिक अधिकारी बनने की इच्छा थी, हालांकि करियर मेडिकल लाइन में चुना।
डर को बनाया ताकत: उन्होंने स्वीकार किया कि परिणाम से पहले डर लग रहा था, लेकिन उम्मीद के अनुसार सफलता मिलने पर अब खुशी का ठिकाना नहीं है।
विजन: उन्होंने कहा कि डॉक्टरी का पेशा सेवा का है, लेकिन प्रशासनिक सेवाओं में जाने से सेवा का दायरा और ज्यादा व्यापक हो जाता है। एक एसडीएम या कलेक्टर के तौर पर वे और अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला पाएंगी।
बीकानेर में खुशी का माहौल, गांव मोरखाना में जश्न
ऐश्वर्या की सफलता की खबर जैसे ही बीकानेर पहुँची, उनके गाँव मोरखाना और नोखा क्षेत्र में मिठाइयां बांटी गईं। चिकित्सा विभाग के साथियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने डॉ. ऐश्वर्या को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है।