खबर ज़रा हटके : सभा स्थल पर खो गई सांसद हनुमान बेनीवाल की घड़ी, फिर जो हुआ वो गजब था- देखें VIDEO

राजनीति के मैदान में अक्सर वार-पलटवार और तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है, लेकिन सोमवार को जोधपुर के भोपालगढ़ क्षेत्र में एक बेहद दिलचस्प और ‘ज़रा हटके’ वाकया सामने आया। मौका था जाजीवाल भाटियान में रिंग रोड परियोजना से प्रभावित किसानों के धरने का, जहाँ नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल शिरकत करने पहुँचे थे। लेकिन इस गहमागहमी के बीच सांसद साहब की कलाई से उनकी घड़ी कब फिसल गई, उन्हें पता भी नहीं चला। इसके बाद जो हुआ, उसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।

भीड़ में अचानक गायब हुई सांसद की घड़ी

हनुमान बेनीवाल जब धरना स्थल पर पहुँचे, तो सैकड़ों समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच सांसद किसी तरह मंच तक पहुँचे। मंच पर बैठने के बाद जब उन्होंने समय देखने के लिए अपनी कलाई की ओर देखा, तो उनके होश उड़ गए। कलाई सूनी थी और घड़ी गायब हो चुकी थी।

मंच से मुनादी- ‘सांसद साहब की घड़ी…’

सांसद की घड़ी खोने की खबर आग की तरह पूरे सभा स्थल पर फैल गई। मंच संचालक ने तुरंत माइक संभाला और सभा स्थल पर मौजूद लोगों से अपील की— “साथियों, सांसद हनुमान बेनीवाल जी की घड़ी कहीं गिर गई है। यदि किसी भाई को मिली हो, तो कृपया मंच पर आकर लौटा दें।” इस सूचना के बाद पंडाल में मौजूद समर्थक अपनी जगह पर घड़ी तलाशने लगे।

हेमाराम भाकर की ईमानदारी, लौटाई ‘अमानत’

अभी कुछ ही सेकंड बीते थे कि हेमाराम भाकर नाम के आरएलपी समर्थक भीड़ को चीरते हुए मंच की ओर बढ़े। उनके हाथ में वही घड़ी थी, जिसकी तलाश हो रही थी। हेमाराम ने बिना किसी झिझक के मंच पर जाकर वह घड़ी हनुमान बेनीवाल को सौंप दी। यह देखकर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। हेमाराम की इस ईमानदारी ने वहाँ मौजूद हर व्यक्ति को प्रभावित किया।

सांसद ने पहनाई माला, दिया धन्यवाद

अपनी पसंदीदा घड़ी वापस पाकर हनुमान बेनीवाल के चेहरे पर मुस्कान आ गई। उन्होंने तुरंत अपनी गले की माला उतारी और हेमाराम भाकर को पहना दी। बेनीवाल ने मंच से ही हेमाराम का आभार जताया और उनकी ईमानदारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों की यही निष्ठा और सच्चाई उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

सोशल मीडिया पर Video Viral

यह वाकया अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग हेमाराम भाकर की ईमानदारी और हनुमान बेनीवाल के अपने कार्यकर्ता के प्रति सम्मान देने के अंदाज़ की सराहना कर रहे हैं। जोधपुर के जाजीवाल भाटियान का यह धरना अब न केवल मांगों के लिए, बल्कि इस ‘गजब’ वाकये के लिए भी याद किया जाएगा।