तीन साल बाद निकला समाधान, प्रभावितों को हिरणमगरी सेक्टर 11 और निगम परिसर में होगा आवंटन- सूरजपोल पर दबाव होगा कम, अगली चुनौती मेवाड़ मोटर्स क्षेत्र
उदयपुर. शहर के सबसे बड़े ट्रैफिक जाम पॉइंट्स में शामिल शक्तिनगर बॉटलनेक को आखिरकार राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने यहां प्रभावित हुए 8 परिवारों को भूखंड आवंटित करने के आदेश जारी कर दिए हैं, इससे लंबे समय से अटकी सड़क चौड़ी होगी। इस फैसले के बाद सूरजपोल क्षेत्र में यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है और शहरवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है।शक्तिनगर बॉटलनेक के संकरे हिस्से के कारण यहां रोजाना वाहनों की लंबी कतारें लगती थी। निगम की ओर से इस क्षेत्र में 30 फीट सड़क विकसित करने की योजना के तहत कुछ मकानों का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन मुआवजे के रूप में भूखंड आवंटन लंबित होने से काम अटका हुआ था। अब भूखंड आवंटन के आदेश जारी होने के साथ ही इस बाधा के हटने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रभावितों को यहां मिलेंगे भूखंड
राज्य सरकार के आदेशानुसार- 4 प्रभावितों को हिरणमंगरी सेक्टर 11 योजना में भूखंड दिए जाएंगे
4 प्रभावितों को नगर निगम परिसर में भूखंड आवंटित होंगेइसके साथ ही सभी प्रभावितों को नियमानुसार अंतर राशि जमा करवानी होगी।
तीन साल से अटका था मामला
शक्तिनगर बॉटलनेक को खोलने के लिए पूर्व में मकानों का अधिग्रहण कर लिया गया था और प्रभावितों को भूखंड देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुआ, लेकिन भूखंड आवंटन की फाइल जयपुर में स्वायत्त शासन विभाग में अटक गई। करीब तीन साल तक प्रभावित परिवारों को इंतजार करना पड़ा, जिससे परियोजना अधूरी रह गई और समस्या जस की तस बनी रही। शहर विधायक ताराचंद जैन ने स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारियों से संपर्क बनाए रखा, फाइल को आगे बढ़ाया और अधिकारियों को मौके पर ले जाकर स्थिति से अवगत कराया। लगातार फॉलोअप और प्रयासों के बाद ही इस मामले को कैबिनेट से मंजूरी मिल पाई और अब प्रभावितों को भूखण्ड देने का रास्ता साफ हो गया।–
अब अगली बड़ी चुनौती, मेवाड़ मोटर्स क्षेत्र
शक्तिनगर बॉटलनेक खुलने के बाद भी शहर की ट्रैफिक समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। अब सबसे बड़ी चुनौती मेवाड़ मोटर्स के बाहर का जाम है, जहां रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव रहता है। प्रशासन इस क्षेत्र में भी समाधान तलाशने की दिशा में प्रयास कर रहा है, ताकि शहर के प्रमुख मार्गों को पूरी तरह सुगम बनाया जा सके।