Ashok Gehlot : भीमराव आंबेडर की जयंती पर अशोक गहलोत का बड़ा बयान, पंचायत चुनावों को लेकर कह दी बड़ी बात

डीडवाना। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार संविधान का उल्लंघन कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने में लगी है। गहलोत मंगलवार को डीडवाना में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। हेलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल मेघवाल समाज भवन तक जनसैलाब उमड़ पड़ा।

गहलोत ने भाजपा की राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संवैधानिक संकट पैदा करने, जनकल्याणकारी योजनाओं को ठप करने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने ऐसा संविधान दिया जो हर धर्म और जाति को समान अधिकार देता है, लेकिन आज उसी संविधान की भावना के विपरीत कार्य हो रहे हैं।

डीडवाना पहुंचने पर अशोक गहलोत का स्वागत (फोटो-पत्रिका)

आरएसएस पर कटाक्ष

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय था जब ये लोग न तिरंगे को मानते थे और न ही संविधान को, लेकिन अब परिस्थितियों के कारण इन्हें इसे स्वीकार करना पड़ रहा है।

राज्यपाल सरकार को बर्खास्त करे

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव समय पर नहीं कराने को उन्होंने सरकार की गंभीर संवैधानिक चूक बताया। गहलोत ने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चुनाव टाले जा रहे हैं। यदि सरकार समय पर चुनाव नहीं कराती है तो राज्यपाल और राष्ट्रपति को हस्तक्षेप कर सरकार को बर्खास्त करना चाहिए।

जनसभा को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत (फोटो-पत्रिका)

ग्रामीणों का थैला राशन से खाली

गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार ने उनकी सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी या उन्हें कमजोर कर दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रास्ते में एक व्यक्ति खाली थैला लेकर मिला, जिस पर उनकी तस्वीर थी। ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह थैला राशन से भरा होता था, अब खाली दिया जा रहा है। सरकार चाहती तो उनकी तस्वीर हटाकर अपनी लगा सकती थी, लेकिन गरीबों की योजनाएं बंद नहीं करनी चाहिए थीं। प्रदेश में बुजुर्गों और विधवाओं को 5-5 महीने से पेंशन नहीं मिल रही है और 25 लाख रुपए तक का चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा, जो देश में मिसाल था, उसे भी कमजोर कर दिया गया।

हिंदू खतरे में नहीं

सांप्रदायिक राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने ‘हिंदू खतरे में है’ के नैरेटिव को गलत बताते हुए कहा कि जब मुगलों और अंग्रेजों के शासन में हिंदू धर्म सुरक्षित रहा, तो आज लोकतंत्र में खतरे की बात निराधार है। उन्होंने 36 कौमों के भाईचारे और सामाजिक सौहार्द पर जोर दिया।

प्रदेश में अपराध बढ़ रहे- गहलोत

गहलोत ने कहा प्रदेश में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं, खुद मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग होने के बावजूद वे पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से नफरत की राजनीति से दूर रहकर विकास के मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का संविधान देश की असली पहचान है, इसकी रक्षा के लिए कांग्रेस सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।