Rajasthan Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा के लिए चुनाव कार्यक्रम की निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ ही राजस्थान की रिक्त होने वाली तीन सीटों को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। 21 जून को रिक्त हो रही इन तीन सीटों पर 18 जून को मतदान होगा। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से भाजपा के खाते में दो और कांग्रेस के हिस्से में एक सीट लगभग तय मानी जा रही है। टिकटों को लेकर दावेदारों की दिल्ली तक दौड़ भी बढ़ने वाली है। राज्यसभा में भाजपा के राजेन्द्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू, जबकि कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के पास पांच-पांच सदस्य हैं।
भाजपा: ‘दिल्ली कनेक्शन’ सबसे बड़ा हथियार
BJP Organization New Guideline (Photo Source – Patrika)
भाजपा ने हाल ही कोर कमेटी की बैठक कर उम्मीदवार चयन का अधिकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को दिया था। इसके बाद से संभावित दावेदारों ने दिल्ली में सक्रियता बढ़ा दी है। संगठन और संघ के जरिए पैरवी का दौर तेज है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा इस बार केवल राजनीतिक समीकरण नहीं, बल्कि वैचारिक और सामाजिक संदेश को भी ध्यान में रखकर उम्मीदवार तय करना चाहती है। पार्टी हिन्दुत्ववादी और राष्ट्रवादी छवि वाले चेहरों के साथ ओबीसी, एमबीसी और मूल ओबीसी वर्ग को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि संघ और विचार परिवार से जुड़े कुछ नाम अचानक चर्चा में आ गए हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा उन नेताओं को लेकर है, जो पिछला विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद संगठन और दिल्ली नेतृत्व के संपर्क में लगातार सक्रिय हैं।
भाजपा में इनकी चर्चा:
रवनीत सिंह बिट्टू: केंद्रीय मंत्री, रिपीट होने की संभावना
सतीश पूनिया: पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और हरियाणा प्रभारी
राजेन्द्र राठौड़: पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ नेता
नरसी कुलरिया: समाजसेवी-उद्योगपति, संघ विचारधारा से जुड़े
प्रकाश माली: भजन गायक, संघ विचारधारा से जुड़ा नाम
अलका गुर्जर: राष्ट्रीय सचिव, महिला प्रतिनिधि का चेहरा
प्रभुलाल सैनी: पूर्व मंत्री, मूल ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व
कांग्रेस: फैसला हाईकमान के हाथ
फाइल फोटो पत्रिका
भाजपा की तुलना में कांग्रेस खेमे में फिलहाल खुली हलचल कम दिखाई दे रही है। उम्मीदवार चयन का फैसला सीधे दिल्ली से होगा। अभी तक प्रदेश संगठन को नामों पर चर्चा या बैठक के संकेत नहीं मिले हैं। मौजूदा सांसद नीरज डांगी दोबारा मौका पाने के प्रयास में जुटे हैं। पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल ‘राजस्थान बनाम बाहरी चेहरा’ का है। प्रदेश की 10 में से 5 सीटों में फिलहाल चार पर राजस्थान से बाहर के नेताओं को राज्यसभा भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े कुछ नेता भी दिल्ली स्तर पर सक्रिय हैं।
कांग्रेस में इनकी चर्चा:
नीरज डांगी: मौजूदा राज्यसभा सदस्य, रिपीट की कोशिश
पवन खेड़ा: एआईसीसी मीडिया विभाग के प्रमुख चेहरों में शामिल
जितेन्द्र सिंह: पूर्व केंद्रीय मंत्री और एआईसीसी महासचिव
निर्विरोध चुनाव के आसार, फिर भी नजर ‘क्रॉस वोटिंग’ पर
Rajya Sabha – File PIC
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा दो और कांग्रेस एक उम्मीदवार उतारकर चुनाव को निर्विरोध भी बना सकती है। हालांकि यदि किसी दल ने अतिरिक्त उम्मीदवार उतार दिया तो जोड़तोड़, क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक मतदान की चर्चाएं तेज हो सकती हैं।
बैंगनी पेन से होगा मतदान: निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान विधायकों को प्राथमिकता अंकित करने के लिए केवल रिटर्निंग अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराया गया विशेष बैंगनी स्केच पेन ही उपयोग करना होगा। किसी अन्य पेन के उपयोग पर मतपत्र निरस्त माना जा सकता है।